उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुभवी शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। विभाग ने 'स्टेट रिसोर्स ग्रुप' (SRG) और 'अकादमिक रिसोर्स पर्सन' (ARP) के पदों पर चयन प्रक्रिया को गति देने के निर्देश जारी किए हैं। यह पहल उन शिक्षकों के लिए है जो अपनी सेवाओं और शैक्षिक प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के इच्छुक हैं।
स्टेट रिसोर्स ग्रुप (SRG) के लिए चयन
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इस्तीफे या अन्य कारणों से रिक्त हुए एसआरजी के 22 पदों को भरने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 16 जिलों का चयन किया गया है, जिनमें बुलंदशहर और प्रयागराज में तीन-तीन, कुशीनगर और मेरठ में दो-दो, जबकि अंबेडकर नगर, अमरोहा, बांदा, बस्ती, एटा, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, हरदोई, झांसी, कौशांबी, लखीमपुर खीरी और सिद्धार्थनगर में एक-एक पद पर नियुक्ति होगी। इन पदों के लिए वे शिक्षक पात्र हैं जिन्हें पढ़ाते हुए पांच वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय या राज्य पुरस्कार विजेता और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। एसआरजी सदस्यों का प्राथमिक कार्य परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ावा देना, सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करना और जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।
अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) की भूमिका और शर्तें
राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में छह-छह अकादमिक रिसोर्स पर्सन तैनात किए जाएंगे, जिसके तहत कुल 4956 एआरपी का चयन किया जाएगा। इन पदों के लिए पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षक आवेदन के पात्र होंगे। इसके साथ ही, ऐसे शिक्षक भी आवेदन कर सकते हैं जिनके सेवानिवृत्त होने में न्यूनतम पांच वर्ष की अवधि शेष है। चयनित शिक्षकों की नियुक्ति प्रारंभ में एक वर्ष के लिए होगी, जिसे उनके प्रदर्शन के आधार पर तीन वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा। हालांकि, जो शिक्षक पहले तीन वर्ष तक एआरपी के रूप में कार्य कर चुके हैं, वे इस बार आवेदन करने के लिए पात्र नहीं होंगे। चयनित एआरपी को 4500 रुपये प्रति माह का यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा।
मूल्यांकन और कार्यक्षेत्र
एआरपी के चयन के लिए 100 अंकों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें 70 अंक लिखित परीक्षा के और 30 अंक साक्षात्कार के लिए निर्धारित किए गए हैं। चयनित एआरपी को अपने ब्लॉक के 30 यूनिक विद्यालयों का निरीक्षण करना होगा। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में विद्यालय में शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा कराना, समय-समय पर विद्यालयों का भ्रमण करना और सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने में सहयोग देना शामिल है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र और उत्कृष्ट शिक्षकों के नामों का प्रस्ताव 27 जून तक अनिवार्य रूप से प्रेषित करें।


