उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में मानक से कम छात्र संख्या के आधार पर प्रधानाध्यापकों को हटाए जाने के मामले में शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने इस प्रक्रिया पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी है।
जनपद बाराबंकी की ओर से दाखिल याचिका संख्या 6253/2026 पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें सुनीं। लगभग 15 मिनट चली सुनवाई के बाद, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए स्टे ऑर्डर जारी कर दिया है। इसके साथ ही, न्यायालय ने इस मामले को पहले से लंबित मुख्य याचिका संख्या 274/2026 के साथ संबद्ध कर दिया है।
हालांकि, यह आदेश केवल एक अंतरिम राहत है और मामले का अंतिम निर्णय अभी आना शेष है। इस प्रकरण पर इलाहाबाद पीठ की डबल बेंच के आदेश का भी प्रभाव पड़ सकता है, जिसके कारण अंतिम फैसला आने तक कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से आनंद प्रताप सिंह ने इसे पहली जीत बताया है और सभी प्रभावित शिक्षकों को एकजुट होकर भविष्य की कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।



