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सरप्लस समायोजन मामला: कोर्ट ने मांगा विद्यालयवार शिक्षक-छात्र संख्या का पूरा ब्योरा, 6 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश में सरप्लस शिक्षक समायोजन मामले की सुनवाई शुक्रवार को माननीय न्यायालय में हुई। हालांकि इस दौरान मामले के गुण-दोष पर कोई विस्तृत बहस नहीं हो सकी। सुनवाई के अंत में न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 (सोमवार) निर्धारित की है।

सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से लगभग 27 हजार शिक्षकों की सूची न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई। लेकिन सूची में विद्यालयवार स्पष्ट जानकारी उपलब्ध न होने के कारण उसकी पारदर्शिता और वास्तविकता को लेकर सवाल उठाए गए।

सरप्लस समायोजन केस: कोर्ट ने मांगी विद्यालयवार शिक्षक-छात्र संख्या, 6 जुलाई को सुनवाई

इस पर न्यायालय ने निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों को सरप्लस श्रेणी में रखा गया है, उनके संबंध में विद्यालयवार शिक्षक संख्या तथा छात्र संख्या का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाए। न्यायालय का उद्देश्य यह जानना है कि संबंधित विद्यालयों में वास्तव में शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनुपात क्या है तथा सरप्लस घोषित करने का आधार कितना उचित है।

अब बेसिक शिक्षा विभाग को अगली सुनवाई से पहले मांगी गई जानकारी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। माना जा रहा है कि विद्यालयवार आंकड़े उपलब्ध होने के बाद ही मामले पर प्रभावी सुनवाई आगे बढ़ेगी और समायोजन प्रक्रिया की वैधता तथा पारदर्शिता पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

शिक्षकों और संबंधित अभ्यर्थियों की नजर अब 6 जुलाई 2026 की सुनवाई पर टिकी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि विभाग द्वारा मांगे गए आंकड़े प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायालय इस मामले में आगे की दिशा तय कर सकता है।

महत्वपूर्ण नोट: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आज की सुनवाई में मामले के गुण-दोष पर कोई बहस नहीं हुई। अभी तक कोई अंतिम आदेश या निर्णय पारित नहीं किया गया है। मामले का भविष्य न्यायालय में होने वाली अगली सुनवाई और विभाग द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले अभिलेखों पर निर्भर करेगा।