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सरप्लस शिक्षक समायोजन: 20 जुलाई को हाईकोर्ट की डबल बेंच में अहम सुनवाई, 30 हजार शिक्षकों की निगाहें टिकीं

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन से जुड़े मामले में अब 20 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच में महत्वपूर्ण सुनवाई प्रस्तावित है। इस सुनवाई को प्रदेश के लगभग 30 हजार सरप्लस घोषित शिक्षकों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद समायोजन प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा छात्र-शिक्षक अनुपात (RTE मानकों) के आधार पर प्रदेशभर के विद्यालयों का आकलन किया गया था। इसके अनुसार 16,986 विद्यालयों में निर्धारित मानकों से अधिक शिक्षक कार्यरत पाए गए, जिसके बाद सरप्लस शिक्षकों की सूची तैयार की गई।

20 जुलाई को हाईकोर्ट में सरप्लस शिक्षक मामले की सुनवाई, 30 हजार शिक्षकों की बढ़ी उम्मीदें

विभागीय आंकड़ों के अनुसार कुल लगभग 30 हजार शिक्षक सरप्लस श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। इनमें करीब 19 हजार प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक तथा लगभग 11 हजार उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। इन शिक्षकों का समायोजन संबंधित जिले के भीतर रिक्त पदों वाले विद्यालयों में किया जाना प्रस्तावित है।

बेसिक शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सभी 75 जिलों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरप्लस सूची तैयार की थी। इससे पहले समायोजन संबंधी आदेश जारी किए गए थे, जिसके बाद प्रकाशित सरप्लस सूची को कई शिक्षकों ने न्यायालय में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सूची तैयार करने की प्रक्रिया और निर्धारित मानकों को लेकर कई विसंगतियां हैं।

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पूर्व में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने जिला मजिस्ट्रेट (DM) की अध्यक्षता में गठित जिला समिति को शिक्षकों के प्रत्यावेदनों का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। अब मामला डबल बेंच के समक्ष विचाराधीन है और 20 जुलाई की सुनवाई को इस पूरे विवाद का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

प्रदेशभर के हजारों शिक्षक, कर्मचारी संगठन और शिक्षा विभाग की निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि अदालत की आगामी कार्यवाही के बाद सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।