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यूपी के 45,721 विद्यालयों में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत बालिकाओं को 48 दिनों तक मिलेगा सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण

रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण अभियान: यूपी के 45,721 स्कूलों में बेटियों को मिलेगी सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कम्पोजिट विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में अध्ययनरत बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति सशक्त बनाने के लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस संबंध में राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा द्वारा सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 45,721 विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को लगभग 48 कार्यदिवसों का आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास विकसित करना, संकट की स्थिति में स्वयं की सुरक्षा करना सिखाना तथा उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाना है।

रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण 2026

प्रशिक्षण का संचालन प्रशिक्षित स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा अनुदेशक, व्यायाम शिक्षक/शिक्षिका तथा केजीबीवी के स्पोर्ट्स शिक्षकों द्वारा किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यालयों में उपस्थिति, फोटो एवं वीडियो का रिकॉर्ड वीरांगना पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिससे पूरे कार्यक्रम की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सके।

प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाएगा?

प्रशिक्षण मॉड्यूल में बालिकाओं को केवल आत्मरक्षा के दांव-पेंच ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय भी सिखाए जाएंगे। इनमें शामिल हैं—

  • आत्मरक्षा का महत्व और मूलभूत सिद्धांत।
  • महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की जानकारी।
  • महिला हेल्पलाइन एवं आपातकालीन नंबरों का उपयोग।
  • वार्मअप और शारीरिक फिटनेस।
  • स्टांस, ब्लॉक, पंच और किक जैसी आत्मरक्षा तकनीकें।
  • शरीर के संवेदनशील अंगों की पहचान एवं बचाव के तरीके।
  • जेंडर सशक्तिकरण एवं आत्मविश्वास बढ़ाने वाली गतिविधियां।

प्रधानाध्यापकों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश

विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण के सफल संचालन के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विद्यालय में सेल्फ डिफेंस क्लब का गठन किया जाएगा ताकि बालिकाएं नियमित अभ्यास जारी रख सकें। साथ ही कक्षा 6, 7 और 8 की प्रशिक्षित बालिकाओं का मूल्यांकन कर उन्हें प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम की निगरानी कैसे होगी?

पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की निगरानी जिला स्तर से की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला समन्वयक समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड वीरांगना पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा।

महत्वपूर्ण समय-सारिणी

  • विद्यालयों का आवंटन: 8 जुलाई 2026 तक।
  • प्रशिक्षण अवधि: 10 जुलाई 2026 से फरवरी 2027 तक।
  • ब्लॉक/संकुल स्तर प्रतियोगिताएं एवं प्रमाणपत्र वितरण: जनवरी–फरवरी 2027।

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रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की हजारों छात्राओं को व्यावहारिक आत्मरक्षा कौशल, सुरक्षा संबंधी जानकारी और नियमित अभ्यास का अवसर मिलेगा। इससे विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण के साथ-साथ बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का भी विकास होगा।

आदेश की PDF डाउनलोड करें 

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