बदायूं। प्रदेश के परिषदीय, राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए निष्ठा (NISHTHA) प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। यह प्रशिक्षण पूरी तरह DIKSHA (दीक्षा) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित किया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020), तकनीक आधारित शिक्षण, डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना है, ताकि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
शासन के निर्देशानुसार 21 मई 2026 से ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि 31 अगस्त 2026 तक शिक्षक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। सभी प्रशिक्षण मॉड्यूल 15 सितंबर 2026 तक पूरे कराए जाएंगे। इस संबंध में प्रदेश के सभी बीएसए, डायट प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी (BEO), एसआरजी और एआरपी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से होगा प्रशिक्षण
इस बार निष्ठा प्रशिक्षण पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। शिक्षक DIKSHA पोर्टल पर लॉगिन करके निर्धारित मॉड्यूल का अध्ययन करेंगे। प्रत्येक मॉड्यूल पूरा करने के बाद ऑनलाइन मूल्यांकन भी होगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले शिक्षकों को डिजिटल प्रमाणपत्र (Digital Certificate) प्रदान किया जाएगा।
विभाग का कहना है कि यह केवल औपचारिक प्रशिक्षण नहीं होगा, बल्कि शिक्षकों की दक्षता का मूल्यांकन भी किया जाएगा, जिससे आधुनिक शिक्षण कौशल को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
तीन श्रेणियों में तैयार किए गए प्रशिक्षण मॉड्यूल
निष्ठा प्रशिक्षण को शिक्षकों की कक्षाओं और विषयों के अनुसार तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
पहली श्रेणी में अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE) शामिल है। इसके अंतर्गत प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, खेल-आधारित शिक्षण और बुनियादी सीखने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दूसरी श्रेणी फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) की है। इसमें कक्षा 3 से 5 तक के शिक्षकों को भाषा एवं गणितीय दक्षता विकसित करने वाली नई शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराया जाएगा।
तीसरी श्रेणी कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षकों के लिए तैयार की गई है। इसमें साइबर हाइजीन, डिजिटल सुरक्षा, ई-वेस्ट प्रबंधन, एक्शन रिसर्च, कैच द रेन अभियान तथा तकनीक आधारित शिक्षण जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
समय पर पंजीकरण कराने के निर्देश
शासन ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि पात्र शिक्षकों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। जिला स्तर पर बीएसए, बीईओ, एसआरजी और एआरपी को प्रशिक्षण की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी शिक्षकों का पंजीकरण एवं प्रशिक्षण पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
यदि आप परिषदीय, राजकीय या सहायता प्राप्त विद्यालय में कार्यरत शिक्षक हैं और अभी तक DIKSHA पोर्टल पर निष्ठा प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण नहीं कराया है, तो 31 अगस्त 2026 से पहले अपना नामांकन अवश्य करा लें। प्रशिक्षण पूरा करने पर आपको डिजिटल प्रमाणपत्र मिलेगा, जो भविष्य में विभागीय प्रशिक्षण एवं व्यावसायिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाएगा।
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