उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, पशुपालन और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कुल 29 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 28 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई, जबकि मदरसा विभाग से संबंधित एक प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
इस कैबिनेट बैठक के फैसलों का सीधा लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों, युवाओं, किसानों, पशुपालकों, होमगार्ड्स, खिलाड़ियों और उद्यमियों को मिलेगा।
तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत तीन नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता कम होगी।
1. महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, कानपुर
कानपुर नगर की बिल्हौर तहसील में लगभग 51.739 एकड़ भूमि पर महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। यह विश्वविद्यालय कृषि शिक्षा, आधुनिक खेती, अनुसंधान और नई तकनीकों के विकास पर विशेष रूप से कार्य करेगा।
2. अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय, गाजियाबाद
गाजियाबाद के डासना क्षेत्र में लगभग 26.2656 एकड़ भूमि पर अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में उच्च शिक्षा उपलब्ध कराएगा।
3. एंग्लो संस्कृत विश्वविद्यालय, फतेहपुर
फतेहपुर में 20.45 एकड़ भूमि पर एंग्लो संस्कृत कॉलेज द्वारा नए विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इससे बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा के अवसर मिलेंगे।
उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ा उच्च शिक्षा का विस्तार
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में केवल 14 सरकारी विश्वविद्यालय थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
इसी प्रकार निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 27 से बढ़कर 56 हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाना है।
शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला
कैबिनेट ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर "परशुरामपुरी" करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
सरकार के अनुसार यह क्षेत्र भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद अब राज्य कैबिनेट ने भी इसे स्वीकृति दे दी है।
उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना
प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
नई नीति के प्रमुख बिंदु—
- ₹1000 करोड़ का स्टार्टअप फंड
- प्रोटोटाइप विकास के लिए वित्तीय सहायता
- स्टार्टअप इन्क्यूबेटरों को वार्षिक अनुदान
- युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहन
- निवेश आकर्षित करने हेतु नई व्यवस्थाएं
डाटा सेंटर नीति दोबारा लागू
समाप्त हो चुकी डाटा सेंटर नीति को पुनः लागू करने का निर्णय लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत—
- मुख्य सचिव मिशन डायरेक्टरेट के प्रमुख होंगे।
- एंपावरमेंट कमेटी का गठन होगा।
- डाटा सेंटर निवेश को नई गति मिलेगी।
- प्रदेश में आईटी सेक्टर और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
पशुधन बीमा योजना को मिली मंजूरी
सरकार ने पशुपालकों के हित में मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया है।
योजना के तहत—
- पशुओं का बीमा कराया जाएगा।
- प्राकृतिक आपदा, बीमारी एवं दुर्घटना में बीमा का लाभ मिलेगा।
- प्रीमियम में किसान की हिस्सेदारी केवल 15% होगी।
- शेष राशि केंद्र एवं राज्य सरकार वहन करेंगी।
होमगार्ड्स को मिलेगा ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
कैबिनेट ने प्रदेश के होमगार्ड जवानों के लिए बड़ी सौगात देते हुए ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दी है।
इस योजना पर सरकार लगभग ₹35.50 करोड़ प्रतिवर्ष खर्च करेगी।
खिलाड़ियों को सीधी सरकारी नौकरी
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब सरकारी विभागों में सीधी भर्ती का लाभ मिलेगा।
इस निर्णय के अंतर्गत—
- क्रीड़ा अधिकारी
- जिला युवा कल्याण अधिकारी
- उप क्रीड़ा अधिकारी
जैसे पदों पर खिलाड़ियों की नियुक्ति की जाएगी।
ESIC मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को मंजूरी
श्रम विभाग के प्रस्ताव के अनुसार—
- वाराणसी में ESIC मेडिकल कॉलेज स्थापित होगा।
- गोरखपुर एवं मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल बनाए जाएंगे।
- श्रमिकों के बच्चों के लिए मेडिकल कॉलेज में सीटें आरक्षित रहेंगी।
कृषि एवं उद्यान विश्वविद्यालयों को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने कृषि अनुसंधान को मजबूत करने के उद्देश्य से—
- सीएसए कानपुर में नई परियोजनाओं,
- रायबरेली में उद्यान विश्वविद्यालय,
- अनुसंधान के लिए भूमि एवं आर्थिक सहायता
को भी मंजूरी प्रदान की है।
वर्दी धुलाई एवं सिलाई भत्ते में बदलाव
सरकार ने निर्णय लिया है कि अब वर्दी धुलाई एवं सिलाई भत्ते का भुगतान सात वर्ष के बजाय पांच वर्ष के अंतराल पर किया जाएगा।
इससे संबंधित कर्मचारियों को अधिक लाभ मिलेगा और सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
नगर निगमों को बॉन्ड जारी करने की अनुमति
लखनऊ और गाजियाबाद के बाद अब गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों को भी नगर विकास कार्यों के लिए बॉन्ड जारी करने की अनुमति दी गई है।
कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले एक नजर में
- 29 में से 28 प्रस्तावों को मंजूरी
- तीन नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित होंगे
- जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी
- उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना
- डाटा सेंटर नीति दोबारा लागू
- मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा योजना लागू
- होमगार्ड्स को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
- खिलाड़ियों को सीधी सरकारी नौकरी
- ESIC मेडिकल कॉलेज और नए अस्पतालों को मंजूरी
- कृषि एवं उद्यान शिक्षा को बढ़ावा
- वर्दी धुलाई एवं सिलाई भत्ते में संशोधन
- गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों को बॉन्ड जारी करने की अनुमति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, पशुपालन, स्टार्टअप और शहरी विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से प्रदेश में उच्च शिक्षा का विस्तार होगा, युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, किसानों और पशुपालकों को सुरक्षा मिलेगी तथा प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक विकास प्रक्रिया को नई गति प्राप्त होगी।


