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निपुण भारत मिशन के तहत आज 6 जुलाई से प्रदेश के सभी 75 जिलों में निपुण संकल्प कार्यशालाओं का आयोजन होगा।

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्रभावी शुरुआत के लिए सोमवार, 6 जुलाई से प्रदेश के सभी 75 जिलों में निपुण संकल्प कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं के माध्यम से राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के शैक्षिक नेतृत्व को एक साझा रणनीति के साथ जोड़ते हुए पूरे प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत एक समान कार्ययोजना के आधार पर सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है।

शिक्षा विभाग के अनुसार, कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और शैक्षिक नेतृत्व को आगामी सत्र की प्राथमिकताओं से अवगत कराना है। साथ ही सभी स्तरों पर जिम्मेदारियों और उत्तरदायित्वों को स्पष्ट किया जाएगा, ताकि निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

निपुण भारत मिशन: 75 जिलों में आज से निपुण संकल्प कार्यशालाएं, नए सत्र 2026-27 की तैयारी शुरू

कार्यशालाओं के दौरान प्रतिभागियों को साझा लक्ष्य, समन्वित कार्यप्रणाली, जवाबदेही और परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति पर विशेष रूप से मार्गदर्शन दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि जब सभी स्तरों पर एक जैसी रणनीति के साथ कार्य होगा, तब विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

इन कार्यशालाओं में डायट प्राचार्य, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), डायट मेंटर्स, एसआरजी, डीसी तथा एआरपी शामिल होंगे। सभी प्रतिभागियों को शैक्षिक सत्र 2026-27 की कार्ययोजना, प्राथमिकताओं और निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

निपुण भारत मिशन का उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत से पहले शैक्षिक नेतृत्व को प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इन कार्यशालाओं के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों में नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत साझा प्राथमिकताओं और समन्वित कार्ययोजना के साथ होगी। इससे विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को नई गति मिलेगी और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने में भी सहायता मिलेगी।

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