उत्तर प्रदेश शासन: ग्रीष्मावकाश के बाद नए शैक्षिक सत्र के संचालन हेतु अपर मुख्य सचिव का महत्वपूर्ण शासनादेश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मावकाश (गर्मियों की छुट्टियों) के बाद स्कूलों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा 10 जून, 2026 को एक महत्वपूर्ण आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
इस नए शासनादेश के तहत राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM), मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए गए हैं:
शासनादेश के मुख्य बिंदु और दिशा-निर्देश
1. शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज और अंतर्जपदीय तबादले
- कैशलेस चिकित्सा कार्ड: सभी संबंधित शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कैशलेस चिकित्सा कार्ड का रजिस्ट्रेशन 06 सितंबर, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाएगा।
- तबादला प्रक्रिया (Transfer): शैक्षिक सत्र 2026-27 में बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षकों के अन्तर्जपदीय स्थानान्तरण की कार्यवाही शासन के निर्णयानुसार तेजी से पूरी की जाएगी।
- लंबित देयकों का भुगतान: शिक्षकों के चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, लंबित सेवानिवृत्ति देयकों का भुगतान तत्काल करने और मृतक आश्रितों की नियुक्ति के मामलों को जल्द निस्तारित करने के आदेश हैं।
2. 'स्कूल चलो अभियान' और छात्रों का शत-प्रतिशत नामांकन
- नामांकन और ट्रांजिशन: स्कूल खुलते ही 'स्कूल चलो अभियान' के द्वितीय चरण के तहत नवीन नामांकन और शत-प्रतिशत ट्रांजिशन सुनिश्चित किया जाएगा।
- होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड: एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार नियमित पठन-पाठन, छात्रों की उपस्थिति और मूल्यांकन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही 'होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड' की छपाई का कार्य शीघ्र पूरा होगा।
- RTE एडमिशन: आर०टी०ई० (RTE) एक्ट के तहत जिन बच्चों का प्रवेश शेष है, उन्हें स्कूल खुलते ही तुरंत प्रवेश दिया जाएगा।
3. जर्जर विद्यालय भवनों पर सुरक्षात्मक कार्रवाई
- वर्षा ऋतु से पहले चिन्हांकन: मानसून शुरू होने से पहले खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) के माध्यम से सभी जर्जर भवनों की पहचान की जाएगी।
- लगेगा बड़ा क्रॉस (X) का निशान: चिन्हित जर्जर भवनों पर सुरक्षा की दृष्टि से बड़ा क्रॉस लगाया जाएगा ताकि कोई दुर्घटना न हो। बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक कमरों या अतिरिक्त कक्षा-कक्ष की व्यवस्था प्राथमिकता पर होगी।
4. ऑपरेशन कायाकल्प और बुनियादी सुविधाएं
- स्कूलों को 'ऑपरेशन कायाकल्प' के 19 पैरामीटर्स के तहत पूरी तरह संतृप्त किया जाएगा।
- इसमें छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, बिजली आपूर्ति, दिव्यांग बच्चों के लिए CWSN शौचालय और रैंप की व्यवस्था शामिल है। 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं का संचालन भी सुदृढ़ किया जाएगा।
5. पीएम पोषण योजना और 'किचन गार्डन'
- मिड-डे मील (PM पोषण योजना) के तहत सभी लंबित देयकों का भुगतान जल्द से जल्द करने को कहा गया है।
- विद्यालयों की छतों की साफ-सफाई सुनिश्चित कर, किचन में उपयोग के लिए स्थानीय सब्जियों का रोपण कराते हुए 'किचन गार्डन' को समृद्ध किया जाएगा।
6. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) एवं साक्षरता कार्यक्रम
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं का 100% नामांकन, सुरक्षा, भोजन और लंबित नियुक्तियों को प्राथमिकता पर पूरा किया जाएगा।
- नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत असाक्षरों को चिन्हित करने के लिए कराए जा रहे सर्वे में शिक्षामित्रों, स्वयं सहायता समूहों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का सहयोग लिया जाएगा।
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