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रात्रि चौपाल में सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की उपस्थिति अनिवार्य, बीईओ ने जारी किया आदेश

Sir Ji Ki Pathshala

उन्नाव, 10 जून 2026: उत्तर प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने के लिए आयोजित किए जा रहे रात्रि चौपाल कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में उन्नाव जिले के हिलौली विकासखंड से एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है, जिसमें संबंधित विद्यालयों के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को रात्रि चौपाल में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

खंड शिक्षा अधिकारी, बिछिया-हिलौली द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार ग्रामसभा रानी जयदेई खेड़ा (हरदी) में 11 जून 2026 को रात्रि चौपाल का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष जनसंपर्क एवं जनकल्याण कार्यक्रमों का हिस्सा है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर होगा आयोजन

जारी आदेश में बताया गया है कि जिलाधिकारी उन्नाव के निर्देशों के अनुपालन में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश स्तर पर 5 जून से 21 जून 2026 तक विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और सरकारी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत रात्रि चौपाल का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आम नागरिकों की शिकायतों को सुनकर उनका समाधान करने का भी प्रयास किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा करना और लाभार्थियों से सीधे संवाद स्थापित करना है।

जनप्रतिनिधियों की भी रहेगी मौजूदगी

आदेश के अनुसार रात्रि चौपाल में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों की समीक्षा, जन समस्याओं पर चर्चा और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा।

शिक्षकों को दिए गए सख्त निर्देश

खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि ग्रामसभा रानी जयदेई खेड़ा (हरदी) क्षेत्र के सभी परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, इंचार्ज प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक तथा अन्य कार्यरत स्टाफ को रात्रि चौपाल में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि शिक्षकों की भागीदारी से सरकारी योजनाओं और शिक्षा विभाग से जुड़ी जानकारी आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकेगी।

रात्रि चौपाल कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। इससे लोगों की समस्याओं को मौके पर सुनने और उनके समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलती है। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों तक पहुंचाई जाती है।

प्रदेश सरकार द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों को प्राथमिकता दिए जाने के चलते संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

रात्रि चौपाल को लेकर बड़ा आदेश! सभी शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य