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उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग में 60 हजार से अधिक पदों पर शिक्षक भर्ती की तैयारी तेज

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSCB) के ई-अधियाचन पोर्टल के एक्टिव होते ही प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने एक ऐतिहासिक शिक्षक भर्ती की कवायद तेज कर दी है। विभाग की ओर से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, पुरानी भर्तियों के बचे हुए पदों और वर्तमान रिक्तियों को मिलाकर करीब 60,000 पदों पर बड़ी बहाली होने जा रही है।

UP Teacher Vacancy 2026 Notification Details

​इस बार की भर्ती प्रक्रिया कई मायनों में बेहद खास और नए बदलावों के साथ देखने को मिलेगी।

​नगर और ग्रामीण संवर्ग का ब्योरा: कहाँ कितने पद खाली?

​बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के कैडर को दो भागों—नगर (Urban) और ग्रामीण (Rural) संवर्ग में बांटा गया है। इस बार दोनों ही संवर्गों में बड़े पैमाने पर खाली पदों का डेटा जुटाया गया है:

  • नगर क्षेत्र (Urban Cadre): नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में लंबे समय से कोई सीधी भर्ती नहीं होने के कारण शिक्षकों की भारी कमी है। विभाग द्वारा जुटाई गई समेकित सूचना के अनुसार, नगर क्षेत्र में 11,508 पद रिक्त हैं। इसकी लिखित (ऑफलाइन) जानकारी शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजी जा चुकी है।
  • ग्रामीण क्षेत्र (Rural Cadre): ग्रामीण संवर्ग के विद्यालयों में खाली पदों की संख्या सबसे अधिक है। पिछली भर्तियों के बचे हुए पदों को सम्मिलित करते हुए यहाँ लगभग 48,000 पद रिक्त पाए गए हैं।

​पहली बार नया शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा परीक्षा

​अब तक बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती परीक्षा का जिम्मा उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP) के पास होता था। लेकिन इस बार राज्य में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेगा:

बड़ा बदलाव: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अपने गठन के बाद पहली बार परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के चयन के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन करेगा।

​आयोग ने स्पष्ट किया है कि भले ही नगर क्षेत्र के 11,508 पदों की ऑफलाइन जानकारी मिल चुकी है, लेकिन भर्ती की आधिकारिक प्रक्रिया तभी शुरू होगी जब विभाग द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन अधियाचन (E-Adhyachan) दर्ज कर दिया जाएगा।

​भर्ती प्रक्रिया में देरी की वजह और वर्तमान स्थिति

​ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आखिरी बार साल 2018 में बड़ी शिक्षक भर्ती आयोजित की गई थी, जिसके बाद से अभ्यर्थी नई वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं। इस बार विज्ञापन जारी होने से पहले विभाग दो मुख्य काम पूरे कर रहा है:

  1. नियमावली में संशोधन: नई शिक्षा नीति और नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार बेसिक शिक्षा नियमावली को अपडेट और संशोधित किया जा रहा है।
  2. शिक्षकों का समायोजन: माननीय हाई कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में, जिन विद्यालयों में छात्र संख्या के मुकाबले शिक्षकों की संख्या कम या ज्यादा है, वहाँ शिक्षकों के समायोजन (Rationalization) की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

​जल्द खुलेगा ऑनलाइन पोर्टल, चरणबद्ध तरीके से अपलोड हो रहा डेटा

​बेसिक शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, आयोग को ऑनलाइन अधियाचन भेजने के लिए पोर्टल को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जो जल्द ही पूरी तरह काम करने लगेगा। इसके साथ ही, एडेड माध्यमिक विद्यालयों और एडेड महाविद्यालयों के रिक्त पदों का विवरण भी चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से आयोग के पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है।

​जैसे ही नियमावली संशोधन और समायोजन का कार्य पूरा होता है, इन सभी 60 हजार पदों का ऑनलाइन अधियाचन आयोग को फॉरवर्ड कर दिया जाएगा, जिसके तुरंत बाद अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत विज्ञापन और आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। यूपी में शिक्षक बनने की आस लगाए बैठे लाखों टेट (TET) और सीटेट (CTET) पास अभ्यर्थियों के लिए यह खबर एक बड़ी सौगात की तरह है।

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