लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के उच्च शिक्षण संस्थानों ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्व के टॉप पाँच फीसदी वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित 'एससीआई रैंक ग्लोबल' (SCI Rank Global) सूची जारी की गई है, जिसमें लखनऊ के कुल 21 शिक्षकों और वैज्ञानिकों को स्थान मिला है।
इस वैश्विक सूची में मुख्य रूप से विज्ञान विषयों से जुड़े संकाय सदस्यों ने अपनी जगह बनाई है। इनमें लखनऊ विश्वविद्यालय के सबसे अधिक 18 शिक्षक, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के दो शिक्षक और ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति शामिल हैं।
संस्थान वार उपलब्धि और वैज्ञानिकों के नाम
1. लखनऊ विश्वविद्यालय (LU): 18 शिक्षकों ने मारी बाजी
लखनऊ विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के कुल 18 प्राध्यापकों को इस वैश्विक रैंकिंग में शामिल किया गया है। विभाग वार सूची निम्नलिखित है:
- भौतिकी विभाग: प्रो. पूनम टंडन, प्रो. राजीव मनोहर, प्रो. ए.के. सिंह, प्रो. चंद्रकिरण गौतम, प्रो. अमृतांशु शुक्ला, प्रो. विवेक कुमार सिंह और प्रो. सतेंद्र पाल सिंह।
- वनस्पति विज्ञान विभाग: प्रो. शालिनी श्रीवास्तव, प्रो. राजेश कुमार तिवारी और डॉ. अजेय सिंह।
- रसायन विज्ञान विभाग: प्रो. नरेंद्र कुमार सिंह (प्रो. नविंद्र कुमार सिंह) और डॉ. शशि बाला।
- जैव रसायन (बायोकेमिस्ट्री) विभाग: प्रो. सिद्धार्थ कुमार मिश्रा, डॉ. आशुतोष सिंह और डॉ. मधु कामले।
- जंतु विज्ञान विभाग: प्रो. मोनिशा बनर्जी।
- सांख्यिकी विभाग: प्रो. शशि भूषण।
- गणित एवं खगोल विज्ञान विभाग: प्रो. राजेंद्र प्रसाद।
2. AKTU: तकनीकी क्षेत्र में लहराया परचम
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के दो वैज्ञानिकों ने 'ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स' में स्थान प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है:
- प्रोफेसर अरुण तिवारी: एचओडी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET)।
- डॉ. अनुज कुमार शर्मा: एसोसिएट प्रोफेसर, मेकाट्रोनिक्स, सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज (CAS)।
3. भाषा विश्वविद्यालय: कुलपति को मिला स्थान
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने भी अपनी उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक साख के चलते इस ग्लोबल इंडेक्स में विशिष्ट जगह बनाई है।
गौरव का क्षण: लखनऊ के इन वैज्ञानिकों और शिक्षकों का विश्व के शीर्ष 5% शोधकर्ताओं में शामिल होना यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का शोध और शैक्षणिक कार्य हो रहा है। इस उपलब्धि से न केवल संस्थानों का मान बढ़ा है, बल्कि युवाओं को भी विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।


