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TGT अंग्रेजी परीक्षा: 29 प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस, हाईकोर्ट में 20 जुलाई को सुनवाई

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग की टीजीटी अंग्रेजी विषय की भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलती दिखाई दे रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आयोग ने स्वीकार किया कि विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) ने परीक्षा के विवादित प्रश्नों में से 29 प्रश्नों को पाठ्यक्रम (Out of Syllabus) से बाहर माना है।

मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी, जहां विशेषज्ञ समिति की विस्तृत रिपोर्ट और अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।

टीजीटी अंग्रेजी विषय की परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में ऐसे प्रश्न पूछे गए, जो निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर थे। इसके अलावा कुछ प्रश्नों के उत्तर भी गलत बताए गए थे। इसी को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।

TGT अंग्रेजी परीक्षा में 29 प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस, इलाहाबाद हाईकोर्ट में 20 जुलाई को सुनवाई

सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि विशेषज्ञ समिति ने विवादित 37 प्रश्नों की समीक्षा की है। समिति ने इनमें से 29 प्रश्नों को वास्तव में आउट ऑफ सिलेबस माना है।

हालांकि, याचिकाकर्ताओं द्वारा जिन चार अन्य प्रश्नों को गलत बताया गया था, उन पर विशेषज्ञ समिति ने सहमति नहीं जताई और उन्हें सही माना है।

आयोग के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञ समिति की विस्तृत रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर न्यायालय के रिकॉर्ड पर प्रस्तुत कर दी जाएगी, ताकि मामले की आगे सुनवाई की जा सके।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि सामान्यतः न्यायालय किसी विशेषज्ञ समिति की राय के स्थान पर स्वयं विशेषज्ञ की भूमिका नहीं निभाता। लेकिन यदि रिकॉर्ड पर कोई स्पष्ट त्रुटि दिखाई देती है, तो न्यायालय उस पर विचार कर सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट उपलब्ध होने के बाद उस पर अपनी विस्तृत आपत्तियां दाखिल करेंगे और उन कानूनी आधारों को भी कोर्ट के सामने रखेंगे, जिन परिस्थितियों में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तारीख तय की है। अब सभी की नजर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और उस पर होने वाली न्यायिक सुनवाई पर टिकी हुई है।

यदि न्यायालय विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर विचार करते हुए कोई निर्देश जारी करता है, तो इसका असर टीजीटी अंग्रेजी भर्ती परीक्षा के परिणाम और आगे की चयन प्रक्रिया पर पड़ सकता है। इसलिए इस मामले की अगली सुनवाई अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

टीजीटी अंग्रेजी परीक्षा में 29 प्रश्नों के आउट ऑफ सिलेबस होने की पुष्टि इस भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब 20 जुलाई की सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि न्यायालय इस मामले में क्या निर्णय देता है और इसका भर्ती प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ता है।