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2027 से प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय में शुरू होंगे B.P.Ed, M.P.Ed और चार वर्षीय B.Ed पाठ्यक्रम

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय ने वर्ष 2027-28 के शैक्षणिक सत्र से कई नए व्यावसायिक एवं शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप बेहतर और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

विश्वविद्यालय में वर्ष 2027-28 से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (B.P.Ed), मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (M.P.Ed), चार वर्षीय बीएससी-बीएड (B.Sc.-B.Ed) तथा चार वर्षीय बीए-बीएड (B.A.-B.Ed) पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। कुलपति ने बताया कि इन सभी पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आवश्यक शैक्षणिक और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।

2027 से रज्जू भैया विश्वविद्यालय में B.P.Ed, M.P.Ed और 4 वर्षीय B.Ed पाठ्यक्रम शुरू होने की घोषणा

प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों को लागू करने की दिशा में कार्य कर रहा है। नए पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को विषय ज्ञान के साथ-साथ कौशल आधारित शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार, डिजिटलीकरण और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आने वाले समय में इन क्षेत्रों को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

कुलपति ने विद्यार्थियों से केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहने, बल्कि कौशल विकास, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ना भी आवश्यक है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ शोध और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना तथा विद्यार्थियों को आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है।

दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', कुलसचिव प्रो. विनीता यादव सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। वर्ष 2027-28 से नए पाठ्यक्रमों के शुरू होने के बाद शिक्षक शिक्षा और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक पहचान और अधिक मजबूत होगी।

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