लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। कम संख्या में आवेदन प्राप्त होने के कारण विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 7 जुलाई 2026 कर दी है। अब पात्र शिक्षक शिक्षक प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
विभागीय समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों से अपेक्षित संख्या में आवेदन प्राप्त नहीं हुए। इतना ही नहीं, 19 जिलों से एक भी अंतिम आवेदन पोर्टल पर सबमिट नहीं किया गया था। इसके बाद बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने के निर्देश जारी किए, ताकि अधिक से अधिक पात्र शिक्षक इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकें।
इसके साथ ही सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के पात्र शिक्षकों से संपर्क कर उन्हें आवेदन के लिए प्रेरित करें और समय सीमा के भीतर अधिकतम आवेदन सुनिश्चित कराएं।
अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज से सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं आगरा, अंबेडकरनगर, अयोध्या, बलिया, चित्रकूट, गोंडा और कुशीनगर सहित कई जिलों से सीमित संख्या में आवेदन पहुंचे हैं। दूसरी ओर प्रदेश के अनेक जिलों से केवल एक या दो आवेदन ही अंतिम रूप से जमा किए गए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 7 जुलाई 2026 के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए जिन शिक्षकों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द शिक्षक प्रेरणा पोर्टल पर अपना आवेदन पूरा कर लें।
राज्य अध्यापक पुरस्कार का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना और उनके नवाचारों तथा योगदान को पहचान देना है। इसलिए पात्र शिक्षकों से समय रहते आवेदन करने की अपील की गई है।


