नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के TET उत्तीर्ण शिक्षा-मित्रों से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अमानुल्ला और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने दायर याचिका पर नोटिस जारी (Notice Issued) किया है। इस आदेश के बाद मामले की अगली सुनवाई में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा जाएगा।
जानकारी के अनुसार, TET उत्तीर्ण शिक्षा-मित्र अपने सेवा संबंधी अधिकारों और मांगों को लेकर पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे थे। वहां सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि संबंधित मुद्दा पहले से सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों से जुड़ा हुआ है। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान मामले को विचारणीय मानते हुए नोटिस जारी किया है। अब राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करना होगा।
किसी भी मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किया जाना यह संकेत देता है कि न्यायालय ने याचिका पर प्रारंभिक विचार करते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगना उचित समझा है। हालांकि, यह अंतिम फैसला नहीं होता। मामले में अंतिम निर्णय सभी पक्षों की दलीलें, दस्तावेज और कानूनी तथ्यों पर विचार करने के बाद ही दिया जाएगा।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे TET उत्तीर्ण हैं और वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में कार्य कर रहे हैं। उनका पक्ष है कि उनकी योग्यता, अनुभव और सेवा को ध्यान में रखते हुए उनके प्रकरण पर न्यायसंगत निर्णय लिया जाए। इसी मांग को लेकर वे न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी नोटिस के बाद संबंधित पक्ष अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके पश्चात मामले की अगली सुनवाई होगी, जिसमें सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। इसके बाद ही न्यायालय किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगा।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने केवल नोटिस जारी किया है। इसलिए इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। सभी संबंधित अभ्यर्थियों और शिक्षा-मित्रों को सलाह दी जाती है कि वे न्यायालय के आधिकारिक आदेशों का इंतजार करें तथा केवल प्रमाणिक और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।


