भारत सरकार द्वारा जनगणना 2026-27 के द्वितीय चरण की तैयारियों को गति देते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारणी जारी कर दी गई है। जनगणना कार्य को त्रुटिरहित एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों, मास्टर ट्रेनर्स, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है। इसके आधार पर विकास योजनाओं का निर्माण, संसाधनों का वितरण तथा विभिन्न सरकारी नीतियों का निर्धारण किया जाता है। ऐसे में प्रशिक्षण कार्यक्रम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
द्वितीय चरण के प्रशिक्षण की समय-सारणी
| प्रशिक्षण | अवधि |
|---|---|
| FT (मास्टर ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण | 01 दिसंबर 2026 से 15 दिसंबर 2026 |
| प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण | 16 दिसंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 |
प्रशिक्षण का उद्देश्य
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, डिजिटल डेटा संग्रह, निर्धारित प्रपत्रों के सही उपयोग, घर-घर सर्वेक्षण की विधि, नागरिकों से जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा गोपनीयता संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही संभावित समस्याओं के समाधान और फील्ड स्तर पर कार्य करने की व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी संबंधित अधिकारियों, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही जनगणना का कार्य किया जाएगा, जिससे देशभर में एक समान एवं त्रुटिरहित डेटा संग्रह सुनिश्चित किया जा सके।
जनगणना 2026-27 क्यों है महत्वपूर्ण?
जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, आवास, रोजगार और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार को सटीक जानकारी उपलब्ध कराते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाएं और कल्याणकारी नीतियां तैयार की जाती हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करे।
जनगणना 2026-27 के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम के जारी होने के साथ ही अब सभी राज्यों एवं जिलों में तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी समय-सारणी के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर आगामी जनगणना कार्य में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।


