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उत्तर प्रदेश शिक्षक सरप्लस समायोजन 2026: जानिए क्या है FIFO फॉर्मूला और निर्धारण के नए नियम

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन (Adjustment) की प्रक्रिया को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। विभाग द्वारा सरप्लस शिक्षकों (Surplus Teachers) की पहचान और उनके ट्रांसफर/समायोजन को लेकर कड़े मानक तय किए जा रहे हैं। इस बार के समायोजन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी और तार्किक नियमों का सहारा लिया जा रहा है, जिसमें सबसे मुख्य आधार FIFO (First In, First Out) फॉर्मूले को बनाया गया है।

उत्तर प्रदेश समायोजन FIFO नियम

​यदि आप भी एक शिक्षक हैं और समायोजन की इस प्रक्रिया को लेकर असमंजस में हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस बार सरप्लस शिक्षकों का निर्धारण किस प्रकार होने जा रहा है।

​क्या है FIFO (First In, First Out) फॉर्मूला?

​सरप्लस निर्धारण का सबसे पहला और मुख्य नियम FIFO है। इसका सीधा सा मतलब है कि जो शिक्षक विद्यालय में सबसे पहले आया था, वही सबसे पहले बाहर (समायोजित) होगा।

  • मूल आधार: इसके लिए विद्यालय में शिक्षक की कार्यभार ग्रहण तिथि (Date of Joining) को मुख्य आधार बनाया जाएगा।
  • ​जिस शिक्षक की उस विद्यालय में सेवा अवधि सबसे लंबी होगी, सरप्लस की स्थिति बनने पर नियमानुसार उन्हें ही पहले समायोजित किया जाएगा।

​यदि कार्यभार ग्रहण तिथि समान हो, तो क्या होगा?

​कई बार ऐसी स्थिति बनती है जब दो या दो से अधिक शिक्षकों ने एक ही दिन विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया हो। ऐसी स्थिति में वरिष्ठता तय करने के लिए आयु (Age) को मानक बनाया गया है:

  • ​यदि कार्यभार ग्रहण तिथि समान है, तो अधिक आयु (Greater Age) वाले शिक्षक को वरिष्ठ (Senior) माना जाएगा।
  • ​वरिष्ठता के इसी नियम के आधार पर सरप्लस सूची में उनका नाम तय किया जाएगा।

​कम्पोजिट स्कूलों (Composite Schools) के लिए विशेष नियम

​कम्पोजिट विद्यालयों (जहाँ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय एक साथ मर्ज हो चुके हैं) में सरप्लस का निर्धारण थोड़ा पेचीदा है, जिसके लिए शासनादेश में स्पष्ट व्यवस्था दी गई है:

  • कार्यभार ग्रहण तिथि की समानता: विद्यालय के कम्पोजिट होने के बाद, तकनीकी रूप से सभी शिक्षकों की कार्यभार ग्रहण तिथि एक समान हो गई है।
  • प्राथमिक के हेड की स्थिति: शासनादेश के अनुसार, कम्पोजिट स्कूल में प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक (Headmaster) को जूनियर (उच्च प्राथमिक) में सहायक अध्यापक मानकर उनके विषय (Science/Maths/Arts) के हिसाब से गिना जाएगा।
  • अलग-अलग निर्धारण: इस विशेष स्थिति में सरप्लस का निर्धारण प्राथमिक (Primary) और उच्च प्राथमिक (Upper Primary) दोनों स्तरों के लिए अलग-अलग किया जाएगा।
  • आयु का मानक: चूंकि यहाँ सभी शिक्षकों की कार्यभार ग्रहण तिथि समान मानी जाएगी, इसलिए यहाँ भी अधिक आयु वाले शिक्षक को ही वरिष्ठ माना जाएगा और इसी आधार पर सरप्लस तय होगा।
महत्वपूर्ण नोट (Disclaimer): उपरोक्त जानकारी विभागीय सूत्रों और विभिन्न अनौपचारिक स्रोतों से प्राप्त विवरणों पर आधारित है। अंतिम और आधिकारिक पुष्टि के लिए कृपया विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले मुख्य शासनादेश (Official Govt Order) का ही अवलोकन करें। किसी भी तकनीकी विसंगति या त्रुटि के लिए लेखक जिम्मेदार नहीं होगा।