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JEE Advanced से मिलेगा IIM में दाखिला: देश में पहली बार IIM लखनऊ शुरू करने जा रहा है अनोखा कोर्स

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ ने देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। 12वीं पास छात्रों के लिए यह एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। IIM लखनऊ देश का पहला ऐसा प्रबंधन संस्थान (Management Institute) बन गया है, जो अपने एक विशेष कोर्स में दाखिले के लिए IIT JEE Advanced के स्कोर को स्वीकार करेगा।

IIM Lucknow Campus Entrance and JEE Advanced Admission Notification

​आमतौर पर IIMs में दाखिला CAT (Common Admission Test) के जरिए ग्रेजुएट्स को मिलता है, लेकिन इस नए फैसले से अब इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले प्रतिभावान छात्र सीधे स्कूल के बाद ही IIM का हिस्सा बन सकेंगे।

​क्या है यह नया कोर्स?

​IIM लखनऊ अकादमिक सत्र 2026-27 से एक विशेष इंटीग्रेटेड डुअल-डिग्री प्रोग्राम (Integrated Dual-Degree Program) शुरू करने जा रहा है। यह कोर्स आधुनिक दौर की सबसे बड़ी मांग को पूरा करेगा:

  • कोर्स का नाम: बीटेक इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एमबीए इन बिजनेस एनालिटिक्स (Business Analytics)।
  • अवधि: यह कुल 5 साल का फुल-टाइम रेजिडेंशियल प्रोग्राम होगा।
  • डिग्री: कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को B.Tech और MBA दोनों की डिग्रियां एक साथ मिलेंगी।

​दाखिले की प्रक्रिया और योग्यता

​इस कोर्स को बेहद प्रीमियम और चुनौतीपूर्ण बनाया गया है, ताकि देश के सबसे बेहतरीन दिमाग इसमें शामिल हो सकें।

  1. शैक्षणिक योग्यता: छात्र का मान्यता प्राप्त बोर्ड से विज्ञान वर्ग (Physics, Chemistry, Mathematics) के साथ 12वीं पास होना अनिवार्य है।
  2. चयन का आधार: इस कोर्स में प्रवेश के लिए छात्रों को JEE Advanced परीक्षा पास करनी होगी। इसके स्कोर और रैंक के आधार पर ही शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी।
  3. साक्षात्कार (Interview): शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को एक कड़े पर्सनल इंटरव्यू (PI) दौर से गुजरना होगा, जिसके बाद अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार होगी।

​क्यों खास है यह कदम?

​"आज के कॉर्पोरेट जगत को ऐसे प्रोफेशनल्स की जरूरत है जो न सिर्फ कोडिंग और AI तकनीक को समझें, बल्कि बिजनेस और मैनेजमेंट की बारीकियों से भी वाकिफ हों।"

​अब तक छात्रों को पहले IIT से बीटेक और फिर IIM से एमबीए करने में कम से कम 6 साल का समय लगता था और दो अलग-अलग कड़े एंट्रेंस एग्जाम (JEE और CAT) पास करने होते थे। IIM लखनऊ का यह प्रोग्राम इस दूरी को पाट देगा:

  • समय की बचत: छात्र 6 साल के बजाय 5 साल में ही बीटेक और एमबीए दोनों की पढ़ाई पूरी कर लेंगे।
  • तकनीक और बिजनेस का संगम: इस कोर्स का पाठ्यक्रम इस तरह तैयार किया गया है जहां डेटा साइंस, एआई और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकी शिक्षा को बिजनेस स्ट्रेटेजी और मैनेजमेंट स्किल के साथ जोड़ा जाएगा।
  • शानदार करियर के अवसर: टेक-मैनेजमेंट के इस कॉम्बिनेशन वाले छात्रों की मांग ग्लोबल कंपनियों, कंसल्टेंसी फर्म्स और टेक दिग्गजों में सबसे ज्यादा होती है।

​निष्कर्ष

​IIM लखनऊ का यह कदम देश के एजुकेशन सिस्टम में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के पारंपरिक अंतर को खत्म करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर 'टेक-लीडर्स' तैयार करने में मदद करेगा। जो छात्र टेक्नोलॉजी और बिजनेस दोनों में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा मौका है।