सत्र 2026-27 के लिए मुफ्त किताबों के सत्यापन का आदेश जारी, 10 जून तक मांगी रिपोर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। राज्य के पाठ्य पुस्तक अधिकारी द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत मुद्रित और आपूर्तित की गईं निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों एवं कार्यपुस्तिकाओं के भौतिक सत्यापन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और समयबद्ध (Time-bound) दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
इस संबंध में पाठ्य पुस्तक अधिकारी, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) की ओर से प्रदेश के सभी जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को आधिकारिक पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
10 जून 2026 तक हर हाल में जमा करना होगा 1-1 सैंपल सेट
जारी किए गए सरकारी पत्रांक बी/1311-1405/2026-27 (दिनांक: 02 जून 2026) के अनुसार, सभी जिलों के BSA को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जनपद में प्रकाशकों/मुद्रकों द्वारा सप्लाई की गई किताबों का जनपदीय समिति से कड़ाई से सत्यापन कराएं।
मुख्य निर्देश: "जनपदीय सत्यापन समिति द्वारा सत्यापित कक्षा-1 से 8 तक की निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों और कार्यपुस्तिकाओं के नमूनों (Samples) का 1-1 सेट समिति द्वारा हस्ताक्षरित करवाकर हर हाल में दिनांक 10.06.2026 तक प्रत्येक दशा में लखनऊ स्थित मुख्य कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।"
इस कार्यवाही के पीछे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को बांटी जाने वाली किताबों की छपाई और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो, ताकि समय रहते आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


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