परिषदीय विद्यालयों में बालचर (स्काउटिंग) कार्यक्रम को रफ्तार: पहली किश्त के रूप में ₹1.08 करोड़ से अधिक की धनराशि जारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास और उनमें अनुशासन की भावना जागृत करने के उद्देश्य से सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में परिषदीय विद्यालयों में बालचर (स्काउटिंग) कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु अनुदान संख्या-71 के अंतर्गत प्रथम किश्त की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि का जनपदवार आवंटन कर दिया गया है।
शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, शासन ने कुल प्राविधानित धनराशि रुपये 325.80 लाख (तीन करोड़ पच्चीस लाख अस्सी हजार मात्र) के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में रुपये 108.60 लाख (एक करोड़ आठ लाख साठ हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति दी है। यह आदेश प्रदेश के समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और वित्त एवं लेखाधिकारियों को अनुपालन हेतु भेज दिया गया है।
कार्यक्रम का उद्देश्य और बजट का विवरण
इस आवंटित बजट का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर स्काउटिंग गतिविधियों को अनिवार्य रूप से बढ़ावा देना है। शासनादेश के तहत आवंटित की गई यह धनराशि संबंधित जनपदों के विकासखण्डों (Blocks) और नगर क्षेत्रों की संख्या के आधार पर वितरित की गई है।
इस बजट का उपयोग:
- विद्यालय स्तर से लेकर संकुल (Cluster) स्तर पर।
- ब्लॉक संसाधन केन्द्र (BRC) स्तर की गतिविधियों में।
- जनपद, मण्डलीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तरीय रैलियों के आयोजन में।
- स्काउट और गाइड से संबंधित विभिन्न प्रशिक्षण व शिविरों के व्यय वहन के लिए।
प्रत्येक विकासखण्ड और नगर क्षेत्र के लिए ₹11,987.00 प्रति ब्लॉक की दर से राशि का निर्धारण किया गया है।


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