लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण (Inter-District Transfer) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला लिया है। शासन द्वारा जारी नए आधिकारिक पत्र के अनुसार, वर्तमान में चल रहे जनगणना (2026-27) कार्य को देखते हुए इस साल सामान्य तबादलों पर रोक रहेगी। हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण और विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केवल 5 चुनिंदा आधारों पर ही शिक्षकों के अंतर्जनपदीय ट्रांसफर की अनुमति दी जाएगी।
इन 5 विशेष परिस्थितियों में ही होगा ट्रांसफर
बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों द्वारा अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए बड़ी संख्या में अनुरोध किए जा रहे थे। शिक्षकों की समस्याओं और विशेष परिस्थितियों को देखते हुए शासन ने गहन विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया है कि केवल निम्नलिखित 5 बिंदुओं के अंतर्गत ही ट्रांसफर किया जा सकेगा:
- 1. दिव्यांगता की स्थिति: यदि अध्यापक या अध्यापिका स्वयं, उनके पति/पत्नी (Spouse) अथवा उनके अविवाहित पुत्र या पुत्री दिव्यांग हैं, तो इस दशा में स्थानांतरण की अनुमति दी जा सकेगी।
- 2. कैंसर से पीड़ित होने पर: यदि कोई अध्यापक/अध्यापिका अथवा उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो ऐसी स्थिति में भी ट्रांसफर किया जा सकेगा।
- 3. डायलिसिस (Dialysis) की स्थिति: यदि अध्यापक/अध्यापिका या उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री डायलिसिस पर हैं, तो इस गंभीर स्थिति के आधार पर भी स्थानांतरण संभव होगा।
- 4. सरकारी शिक्षक दंपत्ति के लिए नियम: यदि पति और पत्नी दोनों ही बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और उनमें से किसी एक के द्वारा ट्रांसफर के लिए आवेदन किया जाता है, तो जहाँ पर शिक्षक-छात्र अनुपात न्यून (कम) होगा, उस जनपद में उन दोनों में से किसी एक का स्थानांतरण किया जा सकेगा।
- 5. मुख्यमंत्री जी का विशेष अनुमोदन: यदि ऊपर दी गई परिस्थितियों के अलावा कोई अन्य अत्यंत विषम परिस्थिति सामने आती है, तो ऐसी स्थिति में केवल माननीय मुख्यमंत्री जी के अनुमोदन (Approval) से ही स्थानांतरण किया जाना संभव होगा।



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