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यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला: अब PSU और स्थानीय निकाय भी चला सकेंगे स्कूल, मान्यता नियमों में बड़ी ढील

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुधारने और इसमें निवेश को बढ़ावा देने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग एक क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी में है। प्रदेश के वित्तविहीन (Unaided) माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता नियमावली को अब काफी लचीला बनाया जा रहा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश बोर्ड में भी सार्वजनिक उपक्रम (PSU), स्वायत्त निकाय (Autonomous Bodies) और स्थानीय निकाय स्कूल खोल सकेंगे और उन्हें मान्यता दी जाएगी।

UP Board school recognition rules relaxation and PSU investment in education

​इस ऐतिहासिक कदम से न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के जरिए भारी निवेश आएगा, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार के निर्देशानुसार, माध्यमिक शिक्षा परिषद से तीन दिनों के भीतर इसका संशोधित प्रस्ताव मांगा गया है।

​1. मान्यता के दायरे में आएंगे नए संस्थान

​वर्तमान नियमों के मुताबिक, यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त करने के लिए किसी भी स्कूल का संचालन किसी सोसाइटी, ट्रस्ट या पंजीकृत कंपनी के माध्यम से होना अनिवार्य है। लेकिन नए संसोधन के बाद इस दायरे को बड़ा किया जा रहा है। अब निम्नलिखित संस्थान भी सीधे स्कूल संचालित कर सकेंगे:

  • ​सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs)
  • ​स्वायत्त संस्थाएं (Autonomous Bodies)
  • ​संवैधानिक निकाय (Constitutional Bodies)
  • ​स्थानीय निकाय (Local Bodies)
फायदा: इससे बड़ी कंपनियां अपने CSR फंड का इस्तेमाल सीधे नए स्कूल खोलने और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में कर सकेंगी।

​2. पुराने स्कूलों को बड़ी राहत: जमीन की बाध्यता खत्म

​नियमों में ढील दिए जाने का सबसे बड़ा फायदा पहले से चल रहे स्कूलों को होगा। समिति की सिफारिश के अनुसार:
    • 26 दिसंबर 2022 से पहले मान्यता प्राप्त कर चुके स्कूलों को 'वर्तमान संसाधनों की श्रेणी' में रखा जाएगा।
    • ​यदि ये स्कूल अपने यहाँ नए विषय या नए सेक्शन शुरू करना चाहते हैं, तो उन्हें अब अतिरिक्त जमीन दिखाने की जरूरत नहीं होगी।
    • ​अगर स्कूल परिसर में अतिरिक्त कमरे और प्रयोगशाला (Lab) उपलब्ध हैं, तो अतिरिक्त भूमि की अनिवार्यता से पूरी तरह छूट दी जाएगी।

​3. साल भर खुला रहेगा ऑनलाइन पोर्टल

​मान्यता की प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए आवेदन प्रक्रिया में भी बड़ा सुधार किया गया है। अब मान्यता के लिए ऑनलाइन पोर्टल पूरे साल खुला रहेगा

हालांकि, आगामी परीक्षा वर्ष के लिए मान्यता पर विचार की एक समयसीमा (डेडलाइन) तय की गई है:
    • 31 मई तक आवेदन करने पर: यदि सभी औपचारिकताओं के साथ आवेदन 31 मई तक प्राप्त हो जाता है, तो उसी आगामी परीक्षा वर्ष के लिए मान्यता पर विचार किया जाएगा।
    • 31 मई के बाद आवेदन करने पर: इस स्थिति में आवेदन को अगले से अगले (Next to Next) परीक्षा वर्ष के लिए विचार क्षेत्र में रखा जाएगा।

​शिक्षा क्षेत्र में बदलाव की नई बयार

​अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी समिति की रिपोर्ट शासन को मिलने के बाद अब इस पर तेजी से मुहर लगाने की तैयारी है। इस फैसले से न केवल नए स्कूल खोलने की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि पुराने स्कूलों पर से अनावश्यक नियमों का बोझ भी कम होगा। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र के लिए इसे एक 'गेम चेंजर' कदम माना जा रहा है।