गाजीपुर । उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से सरकारी व्यवस्था और नियमों को ताक पर रखने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक प्राथमिक विद्यालय परिसर में बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के न केवल निजी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, बल्कि मनोरंजन के नाम पर देर रात तक अश्लील गानों पर 'ऑर्केस्ट्रा और डांस' का प्रोग्राम भी चलाया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिक्षा विभाग से लेकर स्थानीय प्रशासन तक में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
ग्रीष्मकालीन अवकाश का उठाया फायदा
यह सनसनीखेज मामला गाजीपुर जिले के शादियाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मनिहारी ब्लॉक स्थित बसेवां गांव के प्राथमिक विद्यालय का बताया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां (ग्रीष्मकालीन अवकाश) चल रही हैं, जिसके कारण विद्यालय बंद हैं।
आरोप है कि गांव के ही कुछ रसूखदार लोगों ने स्कूल बंद होने का फायदा उठाया। घर में आयोजित एक 'तेरहवीं' (शोक सभा के बाद का भोज) के कार्यक्रम के लिए उन्होंने स्कूल परिसर को अपना निजी लॉन समझ लिया। रात के समय कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए बकायदा स्कूल के भीतर टेंट, लाइटें और बड़ा सा स्टेज (मंच) तैयार किया गया और बार-बालाओं को बुलाकर डांस कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ताला तोड़कर जबरन परिसर में प्रवेश का आरोप
स्थानीय सूत्रों और प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए विद्यालय प्रशासन या शिक्षा विभाग से कोई लिखित या मौखिक अनुमति नहीं ली गई थी।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि आयोजकों ने दबंगई दिखाते हुए स्कूल का मुख्य ताला तोड़ा और जबरन भीतर प्रवेश कर गए। रातभर तेज आवाज में फिल्मी गानों पर अश्लील डांस होता रहा, लेकिन छुट्टी होने के कारण मौके पर कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं था।
वायरल वीडियो से खुली पोल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
अगले दिन जब इस रंगारंग कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तैरने लगे, तब जाकर मामले का भंडाफोड़ हुआ। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे शिक्षा के मंदिर की गरिमा को तार-तार करते हुए स्कूल की बिल्डिंग के ठीक सामने बने मंच पर फिल्मी गीतों पर प्रस्तुतियां दी जा रही हैं और भारी भीड़ तमाशबीन बनी हुई है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद बच्चों के अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि:
- विद्यालय बच्चों के भविष्य, शिक्षा और अच्छे संस्कारों का केंद्र होते हैं।
- ऐसे पवित्र स्थानों को अश्लीलता और निजी मनोरंजन का अड्डा बनाना बेहद निंदनीय है।
- सरकारी संपत्ति का इस तरह दुरुपयोग करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई: एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
वीडियो वायरल होने और मामले के तूल पकड़ने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। विद्यालय प्रशासन की ओर से स्थानीय थाने में अज्ञात और चिन्हित आरोपियों के खिलाफ सरकारी संपत्ति के अवैध उपयोग, अतिक्रमण और ताला तोड़ने की धाराओं में शिकायत दर्ज कराई गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) का बयान:
"यह बेहद गंभीर मामला है। गर्मी की छुट्टियों का फायदा उठाकर कुछ अराजक तत्वों द्वारा स्कूल परिसर का गलत इस्तेमाल किया गया है। विद्यालय की गरिमा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को मौके पर भेजकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई (FIR) की जा रही है।"
प्राथमिक विद्यालय में बार-बालाओं का डांस, स्कूल का ताला तोड़कर हुआ था कार्यक्रम का आयोजन, BSA ने कहा- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई; FIR दर्ज pic.twitter.com/zNfwLKdRFa
— Sir Ji Ki Pathshala (@basic_pathshala) June 1, 2026


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