छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के प्रमोशन (पदोन्नति) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), बलौदाबाजार-भाटापारा ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि जो शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं हैं, उन्हें प्रधान पाठक (प्राथमिक) के पद पर पदोन्नति नहीं दी जाएगी।
यह आदेश छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के पत्र के जवाब में जारी किया गया है, जिसने विभाग में खलबली मचा दी है।
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों का हवाला
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में नियमों और अदालती फैसलों का कड़ाई से हवाला दिया गया है:
- NCTE के नियम: राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट 2009 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के अनुसार, कक्षा I से VIII तक अध्यापन के लिए TET उत्तीर्ण होना एक अनिवार्य योग्यता है।
- सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 को दिए गए एक निर्णय (Citation: 2025 INSC 1063) के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवा में पर्याप्त समय बचा है, उनके लिए TET पास करना अनिवार्य है। कोर्ट ने साफ कहा था कि TET उत्तीर्ण न करने वाले शिक्षक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।
- बिलासपुर हाई कोर्ट का रुख: माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा जारी आदेश (WPS 3078/2026) के तहत भी इसी व्यवस्था को बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
DEO ने साफ किया रुख: प्रमोशन देना संभव नहीं
तमाम वैधानिक प्रावधानों और अदालतों के फैसलों का पालन करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने पत्र में अंतिम निर्णय सुनाते हुए कहा है: "शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण न करने वाले शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान किया जाना संभव नहीं है।"
DEO ने शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव से अपेक्षा की है कि वे इस निर्देश की जानकारी अपने संगठन के सभी संबंधित सदस्यों तक पहुंचाएं ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट रहे।


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