लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्री-प्राइमरी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय (समग्र शिक्षा, उत्तर प्रदेश) द्वारा जारी एक हालिया आधिकारिक पत्र के अनुसार, प्रदेश के विद्यालय परिसरों में स्थित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में तैनात ECCE (अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन) एजुकेटर्स का 'प्रेरणा पोर्टल' पर रजिस्ट्रेशन और उसके बाद ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस संबंध में राज्य परियोजना कार्यालय ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
ऑनलाइन उपस्थिति की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा जारी पत्र संख्या 1063/2026-27 (दिनांक: 18 मई 2026) के माध्यम से विभाग ने पोर्टल पर चल रही धीमी कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पूर्व में जारी स्पष्ट निर्देशों और यूजर मैनुअल के बावजूद, प्रेरणा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के सापेक्ष प्रोफाइल वेरिफिकेशन और ऑनलाइन उपस्थिति की अद्यतन (करंट) स्थिति बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है।
बिना ऑनलाइन हाजिरी के मानदेय भुगतान पर उठे सवाल
विभाग ने जिलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि:
"ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न होने की स्थिति में ECCE एजुकेटर का मानदेय किस आधार पर जनपद द्वारा सेवाप्रदाता संस्था (सर्विस प्रोवाइडर) को निर्गत किया जा रहा है?"
शासन ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों से इस बिंदु पर तत्काल स्पष्टीकरण (Explanation) मांगा है।
20 मई 2026 तक का मिला अल्टीमेटम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने बेहद सख्त डेडलाइन तय की है। आदेश के मुताबिक, सभी संबंधित जनपदों को 20 मई 2026 तक हर हाल में संबंधित ECCE एजुकेटर की उपस्थिति ऑनलाइन मोड पर दर्ज कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश अपर परियोजना निदेशक राजेंद्र प्रसाद के हस्ताक्षर से जारी किया गया है, जिसकी प्रतिलिपि राज्य परियोजना निदेशक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) समेत सभी उच्चाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।
मुख्य बिंदु एक नजर में:
- विषय: ECCE एजुकेटर्स का प्रेरणा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन उपस्थिति।
- अंतिम तिथि: 20 मई 2026 तक कार्य पूरा करने का सख्त निर्देश।
- सख्त हिदायत: बिना ऑनलाइन उपस्थिति के मानदेय जारी करने पर स्पष्टीकरण तलब।






