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9 साल का सूखा खत्म! शिक्षामित्रों के 18,000 मानदेय पर आज लगेगी 'योगी कैबिनेट' की फाइनल मुहर

Sir Ji Ki Pathshala

शिक्षामित्रों के 18 हजार मानदेय पर आज लगेगी 'योगी कैबिनेट' की मुहर!

लखनऊ (लोक भवन): उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में आज एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज सुबह 10:30 बजे लोक भवन में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्र हैं, जिनके मानदेय में 80% की भारी वृद्धि के प्रस्ताव पर आज कैबिनेट की आधिकारिक मुहर लग जाएगी।

CM Yogi Adityanath Cabinet Meeting Lucknow for Shikshamitra Salary Hike

1.43 लाख परिवारों के लिए 'मंगलकारी' होगा यह मंगलवार

​पिछले 9 वर्षों से मानदेय वृद्धि का इंतज़ार कर रहे शिक्षामित्रों के लिए आज का दिन उत्सव जैसा है। विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा को आज सरकारी आदेश का रूप मिल जाएगा।

  • पुराना मानदेय: ₹10,000
  • नया मानदेय: ₹18,000
  • कब से मिलेगा: 1 अप्रैल से एरियर के साथ भुगतान।

कैबिनेट बैठक के 3 सबसे बड़े एजेंडे

1. मानदेय में 8000 रुपये का उछाल

बेसिक शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही शिक्षामित्रों के बैंक खातों में अब ₹18,000 की राशि आएगी। यह निर्णय न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधारेगा बल्कि लंबे समय से चल रहे असंतोष को भी शांत करेगा।

2. युवाओं को टैबलेट का 'डिजिटल बूस्टर'

स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत लाखों छात्रों को मुफ्त टैबलेट बांटने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए आज अंतिम 'बिड डॉक्युमेंट' को मंजूरी दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर छात्र तकनीक से जुड़ सके।

3. बस स्टेशनों का कायाकल्प (PPP मॉडल)

परिवहन निगम के बस अड्डों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने के लिए दूसरे चरण के बिड डॉक्युमेंट्स पर भी आज मुहर लगेगी। इससे प्रदेश में यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।

2017 के बाद सबसे बड़ा बदलाव

​योगी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के इस बड़े कदम के जरिए यह संदेश दिया है कि वह बुनियादी स्तर पर काम करने वाले शिक्षा प्रेरकों के साथ खड़ी है। बजट सत्र में किए गए वादे को इतनी तेजी से कैबिनेट तक लाना सरकार की 'प्रो-एक्टिव' कार्यशैली को दर्शाता है।

बड़ी बात: आज करीब एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी मिलनी तय है, लेकिन सबकी नजरें बेसिक शिक्षा विभाग के उस लिफाफे पर टिकी हैं, जो 1.43 लाख शिक्षामित्रों की तकदीर बदलने वाला है।