लखनऊ | राज्य ब्यूरो: उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवकों के मृतक आश्रितों के लिए अब नियुक्ति की प्रक्रिया बेहद आसान और पारदर्शी होने जा रही है। योगी सरकार के कार्मिक विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक सुधार करते हुए मृतक आश्रितों के आवेदन से लेकर नियुक्ति पत्र जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। अब आश्रितों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
मानव संपदा पोर्टल पर नया मॉड्यूल तैयार
प्रमुख सचिव (कार्मिक) एम. देवराज ने इस संबंध में सभी विभागों, जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को विस्तृत शासनादेश जारी कर दिया है। इसके लिए एनआईसी (NIC) ने मानव संपदा पोर्टल पर एक विशेष 'मृतक आश्रित सेवायोजन मॉड्यूल' विकसित किया है। अब इसी पोर्टल के माध्यम से पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा।
भ्रष्टाचार और देरी पर लगेगा अंकुश
मृतक आश्रितों की भर्ती प्रक्रिया नियमावली, 1974 के तहत होने वाली नियुक्तियों में अक्सर फाइलों के अटकने और देरी की शिकायतें आती थीं। नई ऑनलाइन व्यवस्था के मुख्य लाभ:
- पारदर्शिता: आवेदन की स्थिति (Status) को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा।
- समय की बचत: फाइल एक टेबल से दूसरे टेबल तक डिजिटल रूप में तेजी से पहुंचेगी।
- जवाबदेही: किस स्तर पर फाइल रुकी है, इसका पता आसानी से चल जाएगा।
कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?
शासनादेश के अनुसार, सभी कार्यालयों और निदेशालयों को अपनी 'ऑफिस एडमिन आईडी' के जरिए निम्नलिखित अथॉरिटी नामित करने के निर्देश दिए गए हैं:
- प्रथम स्तर (First Level): आवेदन की जांच के लिए।
- अप्रूविंग अथॉरिटी (Approving Authority): पात्रता की पुष्टि करने के लिए।
- ऑर्डर अथॉरिटी (Order Authority): अंतिम नियुक्ति पत्र जारी करने के लिए।
पोर्टल पर अनिवार्य हुआ पंजीकरण
अब किसी भी विभाग में मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति के लिए ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहाँ लंबित पुराने मामलों को भी जल्द से जल्द इस मॉड्यूल पर अपडेट करें ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम 'ई-गवर्नेंस' और 'डिजिटल इंडिया' अभियान को मजबूती प्रदान करता है। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्होंने अपने मुखिया को खोया है और वे आर्थिक सहारा पाने के लिए सिस्टम से लड़ रहे थे।

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