भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर इलाज मुहैया कराने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अपनी कैशलेस उपचार योजना का कायाकल्प करते हुए इसे 'PM-RAHAT' (Prime Minister - Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment) का नया नाम दिया है।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में संशोधन के साथ इस योजना को अब और भी प्रभावी बनाया गया है, ताकि सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।
क्या है PM-RAHAT योजना? (प्रमुख विशेषताएं)
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को बिना किसी वित्तीय बाधा के तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- ₹1.5 लाख की कैशलेस मदद: किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल में भर्ती होने पर 1.5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलेगा। इसके लिए जेब से एक रुपया भी खर्च करने की जरूरत नहीं होगी।
- सभी सड़कों पर लागू: यह योजना केवल नेशनल हाईवे तक सीमित नहीं है। अब नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, जिला मार्ग और शहरी सड़कों—यानी देश के किसी भी कोने में हुए हादसे पर यह लाभ मिलेगा।
- 7 दिनों की उपचार अवधि: दुर्घटना की तारीख से लेकर अगले 7 दिनों तक अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा मान्य रहेगी।
- बिना पहचान के भी इलाज: यदि पीड़ित की पहचान तुरंत नहीं हो पाती है, तब भी अस्पताल को इलाज शुरू करना अनिवार्य होगा।
'गोल्डन आवर' में मिलेगी जान बचाने वाली मदद
चिकित्सा विज्ञान में दुर्घटना के बाद के पहले एक घंटे को 'गोल्डन आवर' कहा जाता है। आंकड़ों के अनुसार, इस एक घंटे के भीतर सही इलाज मिलने से जान बचने की संभावना 80% तक बढ़ जाती है।
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आपातकालीन सहायता के लिए:
दुर्घटना की स्थिति में घायल या राहगीर तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यह इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) सीधे एम्बुलेंस और नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल (Empanelled Hospital) को सूचित करता है।
पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया
भ्रष्टाचार को खत्म करने और अस्पतालों को भुगतान में देरी से बचाने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया है:
- तत्काल स्टेबलाइजेशन: जान का खतरा होने पर अस्पताल 48 घंटे तक इमरजेंसी ट्रीटमेंट अनिवार्य रूप से प्रदान करेगा।
- पुलिस वेरिफिकेशन: अस्पताल को डिजिटल माध्यम से पुलिस को सूचना देनी होगी, जिसका वेरिफिकेशन भी ऑनलाइन पोर्टल पर होगा।
- eDAR पोर्टल: अस्पताल के बिलों का भुगतान eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) और TMS 2.0 प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) से किया जाएगा।
शिकायत निवारण: यदि इलाज न मिले तो क्या करें?
अगर किसी अस्पताल द्वारा इलाज देने में आनाकानी की जाती है, तो पीड़ित या उसके परिजन जिला सड़क सुरक्षा समिति में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह कमेटी जिला मजिस्ट्रेट (DM) या कलेक्टर की निगरानी में काम करती है, जो शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करती है।
PM-RAHAT योजना: मुख्य विवरण
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | PM-RAHAT |
| पूरा नाम | Prime Minister - Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment |
| कैशलेस इलाज सीमा | ₹1.5 लाख तक |
| समय सीमा | हादसे से 7 दिनों तक |
| हेल्पलाइन नंबर | 112 |
| सड़क का दायरा | सभी सड़कें (NH, SH, स्थानीय सड़कें) |
| भुगतान पोर्टल | eDAR और TMS 2.0 |
निष्कर्ष: PM-RAHAT योजना सरकार की एक संवदेनशील पहल है जो न केवल सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों को अचानक आने वाले चिकित्सा खर्च के बोझ से भी बचाती है। जागरूकता फैलाएं और सड़क पर किसी की मदद के लिए पीछे न हटें।


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