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TET अनिवार्यता मामले में 2010 से पहले की शिक्षक भर्तियों को मिल सकती है बड़ी राहत, जानें क्या है संभावना?

Sir Ji Ki Pathshala

नई दिल्ली/अगरतला: शिक्षक भर्ती के नियमों को लेकर अक्सर संशय बना रहता है, विशेषकर उन भर्तियों के लिए जो नियम लागू होने के संधिकाल (Transition Period) में हुई थीं। हाल ही में सामने आए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के पुराने दिशा-निर्देशों और 2013 के पत्राचार के विश्लेषण से यह संभावना जताई जा रही है कि 23 अगस्त 2010 से पहले की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों को TET से छूट मिल सकती है।

दस्तावेजों के आधार पर एक संभावना का विश्लेषण

​NCTE द्वारा 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना के पैरा 5 के प्रावधानों को आधार मानकर विशेषज्ञों का कहना है कि जिन राज्यों या निकायों ने इस तिथि से पहले विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी थी, उन पर नए नियम (TET की अनिवार्यता) लागू नहीं होने चाहिए।

महत्वपूर्ण बिंदु: यह जानकारी उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों की एक व्याख्या मात्र है। इसे अंतिम सरकारी निर्णय या कोर्ट का आदेश न माना जाए।

भर्तियों में छूट के पीछे का तर्क

​दस्तावेजों के अनुसार, 2010 से पहले की भर्तियों के लिए न्यूनतम योग्यताएं 2001 के नियमों के तहत तय थीं। ऐसे में, यदि किसी भर्ती की प्रक्रिया (Process) अधिसूचना आने से पहले ही शुरू हो गई थी, तो उसे पुराने नियमों के तहत ही पूरा किया जाना चाहिए। त्रिपुरा जैसे राज्यों के संदर्भ में भी 31 मार्च 2015 तक कुछ अस्थायी शिथिलता प्रदान की गई थी।

निष्कर्ष और शिक्षकों की उम्मीदें

​यद्यपि यह एक संभावित व्याख्या है, लेकिन यह उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए आशा की एक किरण है जिनकी नियुक्तियां 2010 के आसपास हुई थीं। अंतिम स्थिति राज्य सरकारों और संबंधित विभागों के आधिकारिक आदेशों के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

NCTE guideline 2013 letter regarding teacher eligibility test exemption before 2010