पूरी सटीक रिपोर्ट यहाँ पढ़ें: 2 अप्रैल को नहीं होगी जज साहब के सामने सुनवाई, जानें क्या है 'रूटीन कोर्ट प्रोसेस' और अगली संभावित तारीख
नई दिल्ली: लंबे समय से कानूनी दांव-पेंच में फंसे टीईटी (TET) प्रकरण में अब एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई की अगली तारीख 2 अप्रैल, 2026 तय कर दी है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं द्वारा लगाए गए 'मेंशन मेमो' पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट का यह फैसला उन हजारों शिक्षकों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है, जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।मेंशन मेमो से मिली सुनवाई को गति
पिछले कुछ समय से इस मामले की सुनवाई में हो रही देरी से अभ्यर्थियों और कार्यरत शिक्षकों में काफी बेचैनी थी। सूत्रों के मुताबिक, याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कोर्ट के समक्ष मामले की संवेदनशीलता और प्रभावित परिवारों की स्थिति का हवाला देते हुए 'मेंशन मेमो' दाखिल किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए 2 अप्रैल की तिथि मुकर्रर की है।
शिक्षकों को पक्ष में फैसले की उम्मीद
शिक्षा जगत के विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों का मानना है कि इस बार शिक्षकों का पक्ष काफी मजबूत है। सोशल मीडिया और शिक्षक संघों के बीच इस बात की चर्चा तेज है कि कोर्ट से राहत मिलने की पूरी संभावना है।
"हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मेंशन मेमो के बाद सुनवाई की तारीख तय होना हमारी पहली जीत है। हमें उम्मीद है कि 2 अप्रैल को आने वाला फैसला शिक्षकों के सम्मान और आजीविका की रक्षा करेगा।"
— एक याचिकाकर्ता शिक्षक
क्या है मुख्य विवाद?
TET से जुड़े इस विवाद में मुख्य रूप से योग्यता मानकों, चयन प्रक्रिया और नियुक्ति की वैधता जैसे बिंदु शामिल हैं। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नियमों के कारण यह मामला पेचीदा हो गया था, जिस पर अब देश की सर्वोच्च अदालत अंतिम मुहर लगाएगी।
अगले कदम की प्रतीक्षा
2 अप्रैल की सुनवाई में कोर्ट क्या रुख अपनाता है, इस पर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों के शिक्षा विभाग की भी नजरें टिकी होंगी। यदि फैसला शिक्षकों के पक्ष में आता है, तो यह उनके करियर के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा।




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