उत्तर प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने आगामी 27 मार्च, 2026 (शुक्रवार) को होने वाले राम नवमी के सार्वजनिक अवकाश के संबंध में एक महत्वपूर्ण 'शुद्धि-पत्र' जारी किया है। शासन द्वारा पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए एक विशिष्ट तकनीकी शब्द को विलोपित (हटा) दिया गया है।
क्या है मुख्य बदलाव?
25 मार्च को जारी मूल विज्ञप्ति (संख्या-आई/1279911/2026) में राम नवमी के अवकाश को 'निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881' के अधीन घोषित किया गया था। शासन ने अब स्पष्ट किया है कि सम्यक विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया है कि 27 मार्च का अवकाश इस अधिनियम के अधीन नहीं माना जाएगा।
आदेश के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- शब्दों का विलोपन: मूल विज्ञप्ति के प्रस्तर-1 की चौथी पंक्ति और प्रस्तर-2 की द्वितीय पंक्ति में अंकित शब्द "निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के अधीन" को पूरी तरह हटा दिया गया है।
- अवकाश की स्थिति: राम नवमी का सार्वजनिक अवकाश रद्द नहीं हुआ है, बल्कि इसकी कानूनी श्रेणी में सुधार किया गया है।
- शेष निर्देश यथावत: शासन ने स्पष्ट किया है कि 25 मार्च की विज्ञप्ति के अन्य सभी अंश और शर्तें पहले की तरह ही प्रभावी रहेंगी।
बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों पर असर
आमतौर पर 'निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट' के तहत घोषित छुट्टियां बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों पर अनिवार्य रूप से लागू होती हैं। इस वाक्यांश को हटाने का तकनीकी अर्थ यह हो सकता है कि अब यह अवकाश मुख्य रूप से सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों के लिए ही सीमित रह सकता है।


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