यूपी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन हेतु नई गाइडलाइंस जारी: हर स्कूल में होंगे कम से कम दो शिक्षक
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती और सरप्लस शिक्षकों के समायोजन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी पत्र संख्या 2251/68-5-2026 के अनुसार, यह कार्यवाही माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 'सौरभ कुमार सिंह व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' मामले में 22 अप्रैल 2026 को दिए गए आदेश के अनुपालन में की जा रही है।
मुख्य लक्ष्य: 'शिक्षक विहीन' और 'एकल' विद्यालयों का अंत
सरकार का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के प्रत्येक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक अनिवार्य रूप से तैनात हों। वर्तमान में जिन विद्यालयों में 30 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार दो या दो से अधिक शिक्षक पहले से कार्यरत हैं, वहां फिलहाल कोई नया शिक्षक तैनात नहीं किया जाएगा।
डाटा सत्यापन की प्रक्रिया
समायोजन की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से सत्यापित डाटा पर आधारित होगी:
- भौतिक सत्यापन: स्कूलों में 30 अप्रैल 2026 तक की वास्तविक छात्र संख्या और कार्यरत शिक्षकों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
- संयुक्त हस्ताक्षर: डाटा को संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (या वरिष्ठतम शिक्षक) और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाणित किया जाएगा।
- शिक्षक विहीन स्कूल: यदि किसी विद्यालय में कोई शिक्षक नहीं है, तो वहां का डाटा खंड शिक्षा अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा प्रमाणित किया जाएगा।
महत्वपूर्ण समय-सीमा (Deadlines)
प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने सख्त समय-सीमा निर्धारित की है:
- 6 मई 2026: सत्यापित डाटा को जिले की आधिकारिक एनआईसी (NIC) वेबसाइट (जैसे: https://prayagraj.nic.in) पर अपलोड करना और संबंधित शिक्षकों को उपलब्ध कराना।
- 13 मई 2026: प्रस्तावित स्थानांतरण के विरुद्ध शिक्षक अपनी आपत्तियां ऑफलाइन माध्यम से जिला स्तरीय समिति के समक्ष दर्ज करा सकेंगे। यदि डाटा विलंब से अपलोड होता है, तो शिक्षकों को 7 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
- 20 मई 2026: सभी जनपदों को अपनी कृत कार्यवाही की सूचना शासन को ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध करानी होगी।
- 22 मई 2026: माननीय उच्च न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई निर्धारित है。
महिला शिक्षकों के लिए विशेष प्रावधान
सरकार ने महिला शिक्षकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है:- यदि किसी सरप्लस महिला शिक्षिका को दूसरे स्कूल में तैनात किया जाना है, तो पहली प्राथमिकता उसी विकास खंड (Block) के भीतर दी जाएगी।
- यदि उसी ब्लॉक में पद रिक्त नहीं है, तो निकटतम ऐसे ब्लॉक में तैनाती दी जाएगी जो सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हो और प्राथमिकता के आधार पर शिक्षिका के आवास के निकट हो।
जिला स्तरीय समिति की भूमिका
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति (District Level Committee) इन सभी आपत्तियों का निस्तारण करेगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि केवल सरप्लस (अतिरिक्त) शिक्षकों को ही स्थानांतरित किया जाए और जो शिक्षक सरप्लस की श्रेणी में नहीं आते, उनकी वर्तमान तैनाती प्रभावित न हो।





