UP 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत हलफनामा (Affidavit) दाखिल किया है। इसमें नई मेरिट लिस्ट तैयार करने का आधार, संशोधित कटऑफ, नए चयनित अभ्यर्थियों की संख्या तथा B.Ed. और BTC/D.El.Ed. अभ्यर्थियों की पात्रता को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। इस हलफनामे के अनुसार नई मेरिट सूची सुप्रीम कोर्ट के 19 मई 2026 तथा इलाहाबाद हाईकोर्ट के 13 अगस्त 2024 के आदेशों के अनुपालन में तैयार की गई है।
नई मेरिट लिस्ट में 8,270 नए अभ्यर्थियों को मिला स्थान
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि संशोधित मेरिट सूची में 8,270 ऐसे नए अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है, जो पहले चयनित नहीं थे और नौकरी में नहीं थे। इसके अलावा 4,946 ऐसे अभ्यर्थी, जो पहले चयनित होने के बावजूद नियुक्ति नहीं पा सके थे, उन्हें भी नई मेरिट सूची में शामिल किया गया है। इनमें 2,649 B.Ed. तथा 2,297 BTC/D.El.Ed. अभ्यर्थी शामिल हैं।
संशोधित कटऑफ अंक जारी
नई मेरिट सूची के साथ सरकार ने संशोधित श्रेणीवार कटऑफ भी प्रस्तुत की है, जो इस प्रकार है—
- सामान्य (UR): 69.46
- ओबीसी (OBC): 65.92
- एससी (SC): 60.14
- एसटी (ST): 56.09
इन्हीं कटऑफ अंकों के आधार पर नई चयन सूची तैयार की गई है।
प्रश्न संख्या 60 के अतिरिक्त अंक से 1,240 अभ्यर्थियों को लाभ
हलफनामे में बताया गया है कि प्रश्न संख्या 60 पर अतिरिक्त अंक दिए जाने के कारण 1,240 अभ्यर्थी नई चयन सूची में शामिल हुए हैं। इनमें 228 B.Ed. तथा 1,012 BTC/D.El.Ed. अभ्यर्थी शामिल हैं। इससे संशोधित मेरिट सूची में कई अभ्यर्थियों की स्थिति बदल गई है।
B.Ed. अभ्यर्थियों पर सरकार का स्पष्ट रुख
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 11 अगस्त 2023 को आए देवेश शर्मा निर्णय के बाद B.Ed. अभ्यर्थी प्राथमिक विद्यालयों में नई नियुक्ति के लिए पात्र नहीं हैं। हालांकि, जो B.Ed. अभ्यर्थी 11 अगस्त 2023 से पहले नियुक्त हो चुके हैं, उनकी सेवाएं सुरक्षित रहेंगी, लेकिन उन्हें अनिवार्य रूप से ब्रिज कोर्स पूरा करना होगा।
वहीं, ऐसे B.Ed. अभ्यर्थी जो चयनित तो हो गए थे लेकिन 11 अगस्त 2023 से पहले कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके, उन्हें नियुक्ति नहीं दी जाएगी।
BTC/D.El.Ed. अभ्यर्थियों को रिक्त पदों पर नियुक्ति देने का पक्ष
सरकार ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट से यह भी कहा है कि रिक्त पदों पर BTC/D.El.Ed. अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जानी चाहिए। सरकार का कहना है कि 11 अगस्त 2023 के बाद प्राथमिक शिक्षक भर्ती में नई नियुक्तियां केवल पात्र अभ्यर्थियों को ही दी जाएंगी, जबकि पहले से कार्यरत B.Ed. शिक्षकों की सेवा सुरक्षित रहेगी और उन्हें निर्धारित ब्रिज कोर्स करना होगा।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय पर लाखों अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसी के आधार पर 69,000 शिक्षक भर्ती की आगे की नियुक्ति प्रक्रिया तय होगी।


