निपुण भारत मिशन: अकादमिक वर्ष 2025-26 के लिए नई भाषा दक्षताएँ
बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, अकादमिक सत्र 2025-26 के लिए संशोधित निपुण सूची जारी की गई है। यह सूची बच्चों के भाषाई विकास को तीन मुख्य स्तंभों में विभाजित करती है: मौखिक भाषा विकास, पढ़ना और लिखना।
कक्षा 1 (आयु 6-7 वर्ष) के लिए लक्ष्य
कक्षा 1 के बच्चों के लिए भाषा के प्रति रुचि जगाना और बुनियादी समझ विकसित करना मुख्य लक्ष्य है।
- मौखिक भाषा विकास: बच्चों को अपनी आवश्यकताओं, परिचित व्यक्तियों और परिवेश के बारे में बात करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। वे कविताएं और गीत हाव-भाव के साथ सुनाने और कक्षा में उपलब्ध प्रिंट सामग्री पर चर्चा करने में सक्षम होने चाहिए।
- पढ़ना: कहानी सत्र के दौरान सक्रिय भागीदारी और सरल शब्दों (4-5 शब्दों वाले छोटे वाक्य) को पढ़ने पर जोर दिया गया है। बच्चा नए शब्दों को पढ़ने के लिए ध्वनियों का सही उपयोग करना सीखता है।
- लेखन: इसका उद्देश्य केवल वर्णमाला लिखना नहीं, बल्कि समझ के साथ लिखना है। बच्चों से अपेक्षा की जाती है कि वे चित्रों के माध्यम से अर्थ समझा सकें और समझ के साथ 2-3 वाक्य लिख सकें।
कक्षा 2 (आयु 7-8 वर्ष) के लिए लक्ष्य
कक्षा 2 में पहुँचते ही बच्चों की भाषा पर पकड़ को और अधिक गहरा और प्रवाहमयी बनाने का प्रयास किया गया है।
- मौखिक भाषा विकास: अब बच्चे केवल सुनते नहीं, बल्कि बातचीत में सक्रिय रूप से सम्मिलित होते हैं, प्रश्न पूछते हैं और दूसरों की बात सुनकर प्रतिक्रिया देते हैं।
- पढ़ना: इस स्तर पर बच्चा कहानियों का वर्णन करने और अक्षरों से नए सार्थक शब्द बनाने में सक्षम होता है। सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य 6 से 8 वाक्यों के अज्ञात पाठ को स्पष्टता और प्रवाह के साथ पढ़ना है।
- लेखन: लेखन में अब बच्चा अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करना शुरू करता है। वह सही ढंग से 4 से 5 छोटे वाक्य लिखने की दक्षता प्राप्त करता है।


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