वैश्विक स्तर पर गहराते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति की अनिश्चितताओं के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 29 मार्च, 2026 को जारी एक विशेष अधिसूचना के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले सुपीरियर केरोसिन तेल (SKO) के वितरण और भंडारण नियमों में व्यापक ढील दी गई है। इस ऐतिहासिक फैसले का मुख्य उद्देश्य आम परिवारों के लिए खाना पकाने और रोशनी की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
पेट्रोल पंपों पर केरोसिन की बिक्री और भंडारण
सरकार ने वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए अब रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंपों का उपयोग करने का फैसला किया है। नए नियमों के तहत, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को वर्तमान सर्विस स्टेशनों के शेड में 2500 लीटर तक केरोसिन तेल के अस्थायी भंडारण की अनुमति दी गई है। पेट्रोलियम नियम, 2002 के प्रारूप 14 के तहत लाइसेंस प्राप्त स्टेशनों को यह सुविधा कुछ विशिष्ट सुरक्षा शर्तों के साथ मिलेगी, जिससे आम जनता को अपने नजदीकी पेट्रोल पंप से ही केरोसिन प्राप्त हो सकेगा।
21 राज्यों के लिए 60 दिनों का आपातकालीन कोटा
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, सरकार ने 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष रूप से 'पीडीएस एसकेओ मुक्त' श्रेणी से हटाते हुए तदर्थ (Ad-hoc) आवंटन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अगले 60 दिनों के लिए आपातकालीन केरोसिन आवंटन की घोषणा की गई है। यह कदम उन क्षेत्रों के लिए जीवनरक्षक साबित होगा जहां खाना पकाने के वैकल्पिक ईंधन (जैसे एलपीजी) की अस्थायी कमी देखी जा रही है।
नियमों में ढील और प्रशासनिक सुधार
पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 की धारा 12 और पेट्रोलियम नियम, 2002 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए मुख्य नियंत्रक (PESO) की सिफारिश पर इन नियमों को सरल बनाया गया है। सरकार ने प्रशासनिक बाधाओं को दरकिनार करते हुए वितरण प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया है ताकि अंतिम उपभोक्ता तक ईंधन बिना किसी देरी के पहुंच सके।
निष्कर्ष: ऊर्जा सुरक्षा की ओर मजबूत कदम
केंद्र सरकार का यह निर्णय स्पष्ट करता है कि वह राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की बुनियादी जरूरतों को लेकर पूरी तरह सजग है। नियमों में यह अस्थायी बदलाव न केवल वितरण श्रृंखला को मजबूत करेगा, बल्कि आपातकालीन स्थिति में आम आदमी को ऊर्जा संकट के प्रभाव से भी बचाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से केरोसिन की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार का एक दूरदर्शी और व्यावहारिक कदम है।


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