नई दिल्ली : "शिक्षक बनने का सपना संजोए लाखों अभ्यर्थियों का इंतज़ार आखिरकार खत्म हुआ! केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने CTET फरवरी 2026 के परिणामों की घोषणा कर दी है, लेकिन इस बार के आंकड़े किसी 'महा-धमाके' से कम नहीं हैं। जहाँ एक तरफ प्राथमिक स्तर (पेपर-1) में सफलता की लहर दौड़ गई है, वहीं उच्च प्राथमिक (पेपर-2) की कठिन दीवार ने लाखों उम्मीदों को झकझोर कर रख दिया है।
इस बार की परीक्षा केवल एक पात्रता परीक्षा नहीं, बल्कि धैर्य और तैयारी की अग्निपरीक्षा साबित हुई है। 23 लाख से अधिक योद्धाओं ने इस रणभूमि में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन सफलता का स्वाद केवल चुनिंदा लोग ही चख पाए। आखिर क्या रहा इस बार के रिजल्ट का पूरा गणित? क्यों पेपर-2 में फेल हुए 81% से ज्यादा छात्र? और क्या आप भी उस 18% वाली 'कठिन' कतार में शामिल हैं?
आइए, विस्तार से समझते हैं इस ऐतिहासिक परिणाम की हर छोटी-बड़ी सच्चाई और विश्लेषण करते हैं उन आंकड़ों का, जो आने वाले समय में शिक्षक भर्ती की दिशा तय करेंगे।"
इस बार की परीक्षा में देशभर से कुल 26,49,129 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 23,24,625 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। कुल सफल उम्मीदवारों की संख्या 5,97,061 रही, जिसका मतलब है कि इस बार का औसत पास प्रतिशत 25.68% रहा है।
पेपर-1 (कक्षा 1 से 5): प्राथमिक स्तर पर शानदार प्रदर्शन
प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए आयोजित पेपर-1 का परिणाम काफी उत्साहजनक रहा है।
- पास प्रतिशत: 33.69%
- विश्लेषण: लगभग हर तीसरे उम्मीदवार ने इस परीक्षा को पास किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिक स्तर का सिलेबस और प्रश्नों का स्तर संतुलित होने के कारण यहाँ सफलता दर बेहतर रही है। कुल 3,58,937 उम्मीदवारों ने इस श्रेणी में पात्रता हासिल की है।
पेपर-2 (कक्षा 6 से 8): उच्च प्राथमिक स्तर की चुनौती
पेपर-2 के आंकड़ों ने एक बार फिर साबित किया है कि उच्च प्राथमिक स्तर की पात्रता हासिल करना आसान नहीं है।
- पास प्रतिशत: 18.56%
- विश्लेषण: पेपर-1 की तुलना में पेपर-2 का पास प्रतिशत काफी कम रहा। 18.67 लाख से अधिक उम्मीदवारों में से केवल 3.46 लाख ही सफल हो पाए। इसका मुख्य कारण विषय-विशिष्ट (गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान) प्रश्नों का कठिन स्तर और गहन पेडागोजी (Pedagogy) सेक्शन माना जा रहा है।
पिछले वर्षों की तुलना में बदलाव
अगर पिछले कुछ संस्करणों से तुलना करें, तो CTET का परिणाम आमतौर पर 15% से 30% के बीच रहता है। इस बार का 25.68% का कुल औसत यह दर्शाता है कि उम्मीदवारों की तैयारी का स्तर बेहतर हुआ है, लेकिन पेपर-2 अभी भी अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
रिजल्ट प्रतिशत कम होने के मुख्य कारण
- कठिन पेडागोजी: CTET में सीधे सवाल पूछने के बजाय वैचारिक (Conceptual) सवाल ज्यादा पूछे जाते हैं।
- नेगेटिव मार्किंग न होना: हालांकि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं है, फिर भी समय प्रबंधन (Time Management) की कमी के कारण छात्र स्कोर नहीं कर पाते।
- पेपर-2 का विस्तृत सिलेबस: पेपर-2 में संबंधित विषयों की गहराई से जानकारी होना आवश्यक है, जहाँ अक्सर छात्र पिछड़ जाते हैं।
सफल उम्मीदवारों के लिए अगला कदम
जिन उम्मीदवारों ने पात्रता हासिल कर ली है, उनके लिए अब रास्ते खुल गए हैं:
- केन्द्रीय विद्यालय (KVS) और नवोदय (NVS): अब आप आने वाली केन्द्रीय शिक्षक भर्तियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- आजीवन वैधता: याद रहे कि अब आपका यह सर्टिफिकेट जीवन भर के लिए मान्य है, आपको इसे दोबारा देने की आवश्यकता नहीं है।
- डिजिलॉकर: अपनी मार्कशीट और सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए डिजिलॉकर ऐप का उपयोग करें।
निष्कर्ष:
CTET फरवरी 2026 का परिणाम यह संदेश देता है कि शिक्षण के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। यदि आप इस बार सफल नहीं हो पाए हैं, तो पेपर-2 के विषय-वार विश्लेषण पर ध्यान दें और अगले अवसर के लिए अभी से तैयारी शुरू करें।
CTET FEB 2026 RESULT
CBSE द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़े
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 07 और 08 फरवरी 2026 को आयोजित CTET परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार कुल 23.24 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। नीचे दी गई तालिका में आप पेपर-1 और पेपर-2 का पूरा विश्लेषण देख सकते हैं।
| परीक्षा स्तर | पंजीकृत | उपस्थित | सफल | प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|
| पेपर - 1 (I-V) | 12,11,611 | 10,65,410 | 3,58,937 | 33.69% |
| पेपर - 2 (VI-VIII) | 21,56,459 | 18,67,428 | 3,46,738 | 18.56% |
| कुल योग (Total) | 26,49,129 | 23,24,625 | 5,97,061 | 25.68% |
नोट: अभ्यर्थी अपनी डिजिटल मार्कशीट DigiLocker से डाउनलोड कर सकते हैं। सफल उम्मीदवारों का यह प्रमाण पत्र अब जीवन भर (Lifetime) के लिए मान्य होगा।



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