बलरामपुर। विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के सुचारु संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी बलरामपुर की ओर से जारी आदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विद्यालयों में मध्याह्न भोजन निधि खाते के संचालन की नई व्यवस्था स्पष्ट की गई है।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को हुआ समाप्त
जारी आदेश के अनुसार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो चुका है। ऐसी स्थिति में नई ग्राम पंचायतों के गठन और उनकी प्रथम बैठक होने तक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन निधि खाते के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की गई है।
SMC अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक करेंगे संयुक्त रूप से खाते का संचालन
नई व्यवस्था के तहत संबंधित विद्यालयों के विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से मध्याह्न भोजन निधि खाते का संचालन कराया जाएगा।
इसके माध्यम से मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित धनराशि प्राप्त करने, उसका उपयोग करने और उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
नई ग्राम पंचायत की प्रथम बैठक तक लागू रहेगी व्यवस्था
आदेश में निर्देश दिया गया है कि वर्ष 2026 में गठित होने वाली नई ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक की निर्धारित तिथि तक विद्यालयों के मध्याह्न भोजन निधि खातों का संचालन SMC अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से कराया जाए।
संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने विकासखंड के सभी योजना से आच्छादित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
SMC अध्यक्ष का पद रिक्त होने पर लागू नहीं होगी व्यवस्था
आदेश में एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है। यदि किसी विद्यालय में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष पद पर कोई व्यक्ति नहीं है, तो वहां यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।
अधिकारियों और बैंक प्रबंधकों को भी निर्देश
जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, बैंक शाखा प्रबंधकों और प्रधानाध्यापकों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रखना है।
अर्थात ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक तक मध्याह्न भोजन निधि खाते का संचालन SMC अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा।


