उत्तर प्रदेश: राज्य सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा निर्धारित 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के अंतर्गत, आगामी 12 जुलाई 2026 को पूरे प्रदेश में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में 35 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य प्राप्त करना है।
इस कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। भदोही और महोबा समेत विभिन्न जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रविवार, 12 जुलाई 2026 को सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त विद्यालय अनिवार्य रूप से खोले जाएंगे।
अभियान की मुख्य विशेषताएं और गतिविधियां:
- थीम: इस वर्ष का अभियान "एक पेड़ माँ के नाम" थीम पर आधारित है, जिसके तहत छात्रों और शिक्षकों को प्रकृति के प्रति जागरूक किया जाएगा।
- प्रतियोगिताएं: वृक्षारोपण के साथ-साथ विद्यालयों में निबंध लेखन, चित्रकला, और स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
- जागरूकता रैली: छात्रों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी।
- अनिवार्य भागीदारी: प्रत्येक शिक्षक की सहभागिता सुनिश्चित की गई है और उन्हें पौधारोपण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होना होगा।
तकनीकी अनुपालन और रिपोर्टिंग:
शिक्षा विभाग ने इस कार्यक्रम की पारदर्शिता और निगरानी के लिए सख्त तकनीकी निर्देश दिए हैं:
- जियो-टैगिंग (Geo-tagging): रोपण किए गए पौधों और कार्यक्रम की फोटोग्राफी में जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी।
- डिजिटल रिपोर्टिंग: कार्यक्रम की फोटो और वीडियो को निर्धारित व्हाट्सएप नंबर पर भेजने के साथ-साथ, ईको क्लब पोर्टल और पर्यावरण विभाग की वेबसाइट पर फीड करना अनिवार्य है।
- सख्त निर्देश: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।
यह महाभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि भावी पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।



