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यूपी के 12 लाख शिक्षक-कार्मिकों को बड़ी सौगात, ₹5 लाख तक मिलेगा कैशलेस इलाज; सरकार हर साल खर्च करेगी ₹450 करोड़

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके पात्र परिवार के सदस्यों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि इस योजना से लाखों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी और गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज का आर्थिक बोझ काफी कम होगा।

योजना के संचालन के लिए राज्य सरकार प्रत्येक पात्र शिक्षक एवं कर्मचारी के लिए ₹3,000 का वार्षिक प्रीमियम स्वयं वहन करेगी। इस पर सरकार का कुल वार्षिक व्यय लगभग ₹450 करोड़ होगा। लाभार्थियों को किसी प्रकार का प्रीमियम नहीं देना होगा और सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।

UP Teacher Cashless Health Scheme 2026 ₹5 Lakh Free Cashless Treatment for 12 Lakh Teachers

बेसिक शिक्षा विभाग के लगभग 9.17 लाख शिक्षक एवं कर्मचारी इस योजना के दायरे में आएंगे। इनमें परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षक एवं कर्मचारी, शिक्षामित्र, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डेन एवं कार्मिक, विशेष शिक्षक (CWSN) तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के पात्र रसोइये शामिल हैं। इन सभी के पात्र आश्रित परिवारों को भी योजना का लाभ मिलेगा।

वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 2.98 लाख शिक्षक एवं कर्मचारी भी इस योजना से लाभान्वित होंगे। इनमें अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक, मानदेय शिक्षक, सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी, व्यावसायिक शिक्षा योजना के विषय विशेषज्ञ, स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक तथा स्ववित्तपोषित संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। इनके पात्र परिवारों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का मानना है कि यह योजना शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। अब गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सूचीबद्ध अस्पतालों में ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलने से लाखों शिक्षक और उनके परिवार बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना को प्रदेश के शिक्षा विभाग के लिए एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। इससे न केवल शिक्षकों का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मजबूत होगा, बल्कि उनके परिवारों को भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।