लखनऊ: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में नए छात्रों का प्रवेश शुरू हो गया है। इसी बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग की शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) ने भी रैगिंग के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागों में शिकायत पेटिकाएं (Complaint Boxes) लगाने का निर्णय लिया है, ताकि छात्र-छात्राएं बिना किसी डर के अपनी शिकायत लिखित रूप में दर्ज करा सकें। इसके अलावा छात्रों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परिसर में रैगिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी छात्र के साथ रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न, धमकी या किसी प्रकार का दुर्व्यवहार होता है, तो वह तत्काल शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ UGC के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
UGC ने सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे परिसर में एंटी-रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही नए छात्रों को उनके अधिकारों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाए, ताकि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
यहां करें रैगिंग की शिकायत
रैगिंग से संबंधित शिकायत UGC एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन 1800-180-5522 पर दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा helpline@antiragging.in पर ईमेल भेजकर भी शिकायत की जा सकती है।
लखनऊ विश्वविद्यालय हेल्पलाइन नंबर:
7991200510 | 9415030061 | 9415003753
9453020304 | 9415789303 | 7597022012
9451674108 | 9918793685 | 9454856116
9451520000 | 7905058968 | 9453024425
9453020000 | 9453020304 | 7991200545
8840364530 | 9415110323 | 9450362335
9129621111 | 9837382558
लखनऊ विश्वविद्यालय ने भी छात्रों के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। छात्र आवश्यकता पड़ने पर इन नंबरों पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे रैगिंग जैसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें और सुरक्षित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें।


