लखनऊ, 15 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत स्थायी, संविदा तथा सेवा प्रदाता (Service Provider) के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किया है। शासन द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और बेसिक शिक्षा विभाग के बीच हुए Memorandum of Understanding (MoU) को पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
यह समझौता 8 जुलाई 2026 को वाराणसी में मुख्यमंत्री द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग की कैशलेस योजना के शुभारंभ के अवसर पर किया गया था। इसका उद्देश्य विभाग के कर्मचारियों और शिक्षकों को बैंकिंग सुविधाओं के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा, बीमा सुरक्षा तथा अन्य वित्तीय लाभ उपलब्ध कराना है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा इस योजना का लाभ?
शासनादेश के अनुसार योजना के दायरे में निम्नलिखित कर्मचारी शामिल किए गए हैं—
- ₹10,000 या उससे अधिक नेट मासिक वेतन प्राप्त करने वाले सभी स्थायी शिक्षक एवं कर्मचारी।
- ₹10,000 या उससे अधिक मासिक मानदेय प्राप्त करने वाले विभागीय संविदा कर्मचारी, शिक्षामित्र, अंशकालिक अनुदेशक तथा अन्य कार्मिक।
- सेवा प्रदाता (Service Provider) के माध्यम से नियुक्त ऐसे कर्मचारी जिनका नेट मासिक मानदेय ₹10,000 या उससे अधिक है।
- ₹10,000 से कम मासिक मानदेय प्राप्त करने वाले संविदा कर्मचारी भी निर्धारित शर्तों के अनुसार योजना का लाभ प्राप्त करेंगे।
अर्थात् विभाग के लगभग सभी वर्गों के कर्मचारी इस सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत लाए जा रहे हैं।
बैंक खाते में करना होगा बदलाव
शासनादेश के अनुसार लाभ प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों के बैंक खातों को भारतीय स्टेट बैंक के विशेष वेतन पैकेज से जोड़ा जाएगा।
- जिन स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन खाता पहले से SBI में संचालित है, उनका खाता State Government Salary Package (SGSP) में परिवर्तित किया जाएगा।
- जिनका वेतन खाता SBI में नहीं है, उन्हें नया वेतन खाता SBI में खोलना होगा।
- विभागीय संविदा एवं सेवा प्रदाता के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों के खाते Corporate Salary Package (CSP) के अंतर्गत संचालित होंगे।
- ₹10,000 से कम मानदेय पाने वाले कर्मचारियों को SBI में Zero Balance Savings Account खोलना होगा।
शासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित खाते में वेतन अथवा मानदेय जमा होने के बाद ही योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ प्रभावी होंगे। यदि किसी खाते में लगातार 90 दिनों तक वेतन या मानदेय जमा नहीं होता है, तो उस खाते पर उपलब्ध विशेष लाभ लागू नहीं रहेंगे।
स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेंगे ये बड़े लाभ
State Government Salary Package (SGSP) के अंतर्गत आने वाले पात्र कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएंगे।
इनमें प्रमुख रूप से—
- ₹10 लाख तक का Group Term Life Insurance Cover।
- ₹1 करोड़ तक का Personal Accident Insurance Cover।
- स्थायी दिव्यांगता (Permanent Disability) की स्थिति में बीमा सुरक्षा।
- लगभग ₹1.60 करोड़ तक का Air Accident Insurance Cover।
- बच्चों की शिक्षा एवं पुत्रियों के विवाह के लिए विशेष Add-On Cover की सुविधा।
- अन्य बैंकिंग एवं वित्तीय सुविधाएं, जिनका विस्तृत विवरण MoU के संलग्नकों में उपलब्ध कराया गया है।
संविदा कर्मचारियों को भी मिलेगा बीमा सुरक्षा का लाभ
Corporate Salary Package (CSP) के अंतर्गत आने वाले संविदा एवं सेवा प्रदाता के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को भी कई महत्वपूर्ण बीमा सुविधाएं दी जाएंगी।
इनमें शामिल हैं—
- ₹30 लाख से ₹80 लाख तक का Personal Accident Insurance Cover।
- स्थायी अथवा आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में ₹15 लाख से ₹80 लाख तक का Insurance Cover।
- Air Accident Insurance Cover।
- बच्चों की शिक्षा तथा पुत्रियों के विवाह हेतु Add-On Cover।
इस प्रकार पहली बार संविदा कर्मचारियों को भी व्यापक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
₹10,000 से कम मानदेय पाने वालों के लिए विशेष व्यवस्था
जिन कर्मचारियों का मासिक मानदेय ₹10,000 से कम है, उनके लिए भी शासन ने अलग व्यवस्था की है।
ऐसे कर्मचारियों को भारतीय स्टेट बैंक में Zero Balance Account खोलना होगा। इसके साथ उन्हें ATM/Personal Accidental Insurance Policy (PAI) के अंतर्गत ₹2 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
जिलों में लगाए जाएंगे विशेष शिविर
शासन ने सभी जिलाधिकारियों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से विद्यालयों के निकट विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।
इन शिविरों में—
- नए खाते खोले जाएंगे।
- पुराने खातों को Salary Package में परिवर्तित किया जाएगा।
- कर्मचारियों को योजना की जानकारी दी जाएगी।
- आवश्यक आवेदन पत्र भरवाए जाएंगे।
साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान विद्यालयों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय
शासनादेश में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, वित्त एवं लेखाधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों तथा प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।
उन्हें—
- बैंक को आवश्यक कर्मचारी विवरण उपलब्ध कराना होगा।
- खाते खुलवाने एवं परिवर्तन की प्रक्रिया में सहयोग करना होगा।
- योजना के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करनी होगी।
- मासिक एवं साप्ताहिक समीक्षा कर शासन को प्रगति रिपोर्ट भेजनी होगी।
जिलाधिकारी स्तर पर होने वाली DLRC एवं जिला परियोजना समिति की बैठकों में भी इस योजना की समीक्षा की जाएगी।
बीमा दावा (Claim) कैसे मिलेगा?
शासनादेश में कर्मचारियों को बीमा दावा प्राप्त करने की प्रक्रिया भी स्पष्ट की गई है।
यदि किसी कर्मचारी को बीमा दावा करना हो तो—
- सबसे पहले संबंधित SBI शाखा से संपर्क करना होगा।
- आवश्यकता पड़ने पर बैंक के क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय (RBO) के नोडल अधिकारी से संपर्क किया जा सकेगा।
- विभागीय अधिकारी भी दावा प्रक्रिया में कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग देंगे।
- बैंक द्वारा शिविर आयोजित कर कर्मचारियों को Claim प्रक्रिया की पूरी जानकारी भी दी जाएगी।
वेतन भुगतान पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव
जिन कर्मचारियों का वेतन डीबीटी अथवा कोषागार के माध्यम से अन्य बैंक खातों में जाता है, उनके लिए भी शासन ने व्यवस्था बनाई है।
ऐसे कर्मचारियों का SBI में Salary Package Account खोला जाएगा तथा आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया अपनाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनके वेतन भुगतान पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
शासन का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य केवल बैंक खाता खुलवाना नहीं बल्कि बेसिक शिक्षा विभाग के प्रत्येक पात्र शिक्षक एवं कर्मचारी को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु, दिव्यांगता जैसी परिस्थितियों में कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है।
निष्कर्ष
15 जुलाई 2026 को जारी यह शासनादेश बेसिक शिक्षा विभाग के लाखों स्थायी एवं संविदा शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक के साथ हुए इस समझौते के माध्यम से कर्मचारियों को करोड़ों रुपये तक के बीमा कवर, दुर्घटना सुरक्षा, बैंकिंग सुविधाएं तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे। शासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि MoU का क्रियान्वयन समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए ताकि प्रत्येक पात्र कर्मचारी तक इसका लाभ शीघ्र पहुंच सके।


