लखनऊ। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण के फील्ड कार्य के दौरान कार्यरत जनगणना कर्मियों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। 14 जुलाई 2026 को जारी पत्र में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, जिला जनगणना अधिकारियों तथा नगर जनगणना अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी जनगणना कर्मी की दुर्घटना या मृत्यु होने की सूचना तत्काल निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए।
जारी आदेश के अनुसार भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त, भारत सरकार द्वारा भेजे गए निर्देशों के अनुपालन में यह व्यवस्था लागू की गई है। जनगणना-2027 के प्रथम चरण, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जा रहा है, उसके दौरान यदि किसी प्रगणक, पर्यवेक्षक अथवा अन्य जनगणना फील्ड कर्मी की लू (Heat Stroke), सड़क दुर्घटना या किसी अन्य कारण से ड्यूटी के दौरान मृत्यु होती है, तो उसकी विस्तृत जानकारी निर्धारित प्रारूप में भेजनी होगी।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी को मृतक कर्मी का नाम, पदनाम, संबंधित जनपद, मृत्यु की तिथि एवं कारण, अनुग्रह राशि अथवा क्षतिपूर्ति स्वीकृत होने की स्थिति, स्वीकृत राशि (यदि कोई हो) तथा वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण उपलब्ध कराना होगा। इन सूचनाओं के आधार पर भारत सरकार को समयबद्ध रिपोर्ट भेजी जाएगी और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
निदेशालय ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी जनपद प्राप्त सूचना को निर्धारित प्रारूप में भरकर ई-मेल के माध्यम से dco-utp.rgi@gov.in पर तत्काल भेजना सुनिश्चित करें। समय पर सूचना उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित जिला एवं नगर जनगणना अधिकारियों की होगी।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी जिले में इस प्रकार की कोई घटना नहीं हुई है, तब भी संबंधित अधिकारी को 'NIL' (शून्य) रिपोर्ट भेजनी होगी। इसका उद्देश्य सभी जिलों से स्थिति की पुष्टि प्राप्त करना तथा राज्य स्तर पर संपूर्ण एवं अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करना है।
जनगणना निदेशालय ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की है कि इस निर्देश का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि जनगणना-2027 के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी समय पर भारत सरकार तक पहुंच सके और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।


