समायोजन प्रकरण: इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई में बड़ा आदेश, 27 जुलाई तक आपत्ति का अंतिम मौका
प्रयागराज, 20 जुलाई 2026।
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन (Surplus Teacher Redeployment) मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार, 20 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। न्यायालय ने प्रभावित शिक्षकों को अंतिम अवसर देते हुए 27 जुलाई 2026 तक आपत्तियां दर्ज कराने की अनुमति प्रदान की है। साथ ही राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद को आपत्तियों के निस्तारण की विस्तृत प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
31,685 शिक्षकों को किया गया सरप्लस चिह्नित
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कुल 31,685 शिक्षकों को सरप्लस के रूप में चिह्नित किया गया है। इन शिक्षकों का समायोजन उन विद्यालयों में किया जाना प्रस्तावित है जहां शिक्षकों की संख्या कम है या केवल एक शिक्षक कार्यरत है।
कौन कर सकता है आपत्ति?
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल वही शिक्षक आपत्ति दर्ज कर सकते हैं जो इस समायोजन प्रक्रिया से प्रभावित हो रहे हैं। आपत्ति केवल निम्न बिंदुओं पर स्वीकार की जाएगी—
- आठों प्रकाशित सूचियों में दर्ज आंकड़ों की त्रुटि।
- ऐसे मामलों में जहां वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस घोषित किया गया हो जबकि पिछले पांच वर्षों में उनसे कनिष्ठ शिक्षक की नियुक्ति हुई हो (कुछ विशेष अपवादों को छोड़कर)।
27 जुलाई तक ऑफलाइन जमा करनी होगी आपत्ति
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि प्रभावित शिक्षक 27 जुलाई 2026 तक संबंधित बीएसए कार्यालय में ऑफलाइन आपत्ति प्रस्तुत करें। बीएसए कार्यालय रसीद देना अनिवार्य होगा। इसके बाद उसी आपत्ति की प्राप्त प्रति एक सप्ताह के भीतर स्पीड पोस्ट से सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को भेजनी होगी। ऐसा न करने पर आपत्ति मान्य नहीं होगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी होगी सुनवाई
न्यायालय ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित शिक्षकों की सुनवाई व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जा सकती है। यदि कोई शिक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई चाहता है तो उसे अपनी आपत्ति में इसका उल्लेख करना होगा।
10 अगस्त से रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने की उम्मीद
न्यायालय ने उम्मीद जताई है कि आपत्तियों के निस्तारण के बाद विद्यालयवार, ब्लॉकवार और जनपदवार रिपोर्ट 10 अगस्त 2026 से पोर्टल पर अपलोड होना शुरू हो जाएगी।
अगली सुनवाई कब होगी?
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त 2026 निर्धारित की है। इसी दिन से न्यायालय जिला-वार रिपोर्टों पर विचार करेगा और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
निष्कर्ष:
समायोजन प्रक्रिया से प्रभावित शिक्षकों के लिए यह आदेश अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी शिक्षक को प्रकाशित सूची में कोई त्रुटि दिखाई देती है या उसे सरप्लस घोषित किए जाने पर आपत्ति है, तो उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए अपनी आपत्ति अवश्य दर्ज करनी चाहिए।


