प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के 163 नवस्थापित राजकीय विद्यालयों के लिए 1,344 नए शिक्षक पदों के सृजन का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा।
यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री की घोषणा, समग्र शिक्षा अभियान तथा प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत स्थापित नए विद्यालयों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इनमें 121 हाईस्कूल और 42 इंटर कॉलेज शामिल हैं।
प्रस्ताव के अनुसार 420 प्रवक्ता (लेक्चरर) तथा 924 एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक) के पद सृजित किए जाने का अनुरोध किया गया है। इसके अतिरिक्त 42 प्रधानाचार्य और 121 प्रधानाध्यापक के पद भी प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि नए विद्यालयों का प्रशासनिक संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।
शिक्षा विभाग के अनुसार इन शिक्षक पदों में 50 प्रतिशत सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे। सीधी भर्ती वाले पदों पर चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से किया जाएगा, जबकि शेष पदों पर विभागीय नियमों के अनुसार नियुक्ति की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि विद्यालयों में कार्यालयी कार्यों को व्यवस्थित करने के लिए 174 कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) पदों के सृजन का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।
वर्तमान में प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 10,793 प्रवक्ता तथा 19,916 सहायक अध्यापक के स्वीकृत पद हैं। नए पदों के सृजन से नवस्थापित विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


