भदोही। जनपद भदोही में परिषदीय विद्यालयों के जर्जर एवं निष्प्रयोज्य भवनों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने एक बार फिर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने विकास खंड के अंतर्गत स्थित ऐसे भवनों की पहचान कर 15 जुलाई 2026 तक उन पर लाल रंग से बड़े अक्षरों में "जर्जर भवन", "जीर्ण-शीर्ण भवन" अथवा "निष्प्रयोज्य भवन" लिखवाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन भवनों का किसी भी प्रकार से उपयोग न हो।
बीएसए कार्यालय द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि इससे पहले 2 जून 2026 को भी इसी संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। उस आदेश में सभी जर्जर भवनों को चिन्हित कर उन पर चेतावनी लिखवाने तथा उनमें शैक्षिक एवं अन्य गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। अब पुनः आदेश जारी कर समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र के प्रत्येक विद्यालय का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि जर्जर अथवा निष्प्रयोज्य भवनों पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर लाल रंग से स्पष्ट चेतावनी अंकित कर दी जाए। चेतावनी इस प्रकार लिखी जाए कि दूर से देखने पर भी भवन की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे और कोई भी व्यक्ति अनजाने में उसके निकट न जाए।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन भवनों को जर्जर अथवा निष्प्रयोज्य घोषित किया गया है, उनमें किसी भी प्रकार की शैक्षिक गतिविधि, कार्यालय संचालन, बैठक, प्रशिक्षण अथवा अन्य कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा अन्य व्यक्तियों का ऐसे भवनों में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सुरक्षा की दृष्टि से विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जर्जर एवं निष्प्रयोज्य भवनों के सभी प्रवेश मार्गों को पूरी तरह बंद कर दिया जाए। आवश्यकतानुसार भवनों की सीलिंग अथवा बैरिकेडिंग कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति इन भवनों में प्रवेश न कर सके। विशेष रूप से वर्षा ऋतु को देखते हुए विभाग ने इन निर्देशों के पालन पर गंभीरता से ध्यान देने को कहा है, क्योंकि इस मौसम में पुराने भवनों के गिरने का खतरा अधिक रहता है।
बीएसए ने आदेश में स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि यदि भविष्य में किसी जर्जर भवन में दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी की होगी। इसलिए सभी अधिकारियों को निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने तथा समय-सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग का यह कदम विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग का उद्देश्य यह है कि किसी भी जर्जर भवन का उपयोग पूरी तरह बंद हो और संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।


