उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षाधिकारी (BEO) भर्ती का रास्ता अब साफ हो गया है। शासन ने बीईओ भर्ती के लिए आवश्यक शैक्षिक अर्हता को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति समाप्त कर दी है। शासन ने स्पष्ट किया है कि बीएड के समकक्ष कोई अन्य पाठ्यक्रम मान्य नहीं होगा।
विशेष सचिव अवधेश तिवारी ने इस संबंध में अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) मनोज कुमार द्विवेदी को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
विभाग पहले रिक्त पदों और आरक्षण की स्थिति का सत्यापन करेगा, जिसके बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को ऑनलाइन अधियाचन भेजा जाएगा। संभावना है कि 15 अगस्त से पहले भर्ती का अधियाचन आयोग को भेज दिया जाएगा।
वर्तमान में बीईओ के 1031 स्वीकृत पदों में से 350 से अधिक पद रिक्त हैं। वहीं, 26 मई को 164 खंड शिक्षाधिकारियों के बीएसए एवं समकक्ष पदों पर पदोन्नत होने के बाद रिक्तियों की संख्या और बढ़ गई है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष नियमावली में संशोधन न होने के कारण आयोग ने बीईओ भर्ती का अधियाचन वापस कर दिया था। इससे पहले वर्ष 2019 में आयोग ने 309 पदों पर भर्ती निकाली थी, जिसके लिए 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
अब अर्हता संबंधी विवाद समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि बीईओ भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और लंबे समय से रिक्त पदों को भरा जा सकेगा।


