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69000 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट का 28 जुलाई आदेश जारी, 4 अगस्त को अगली सुनवाई

Sir Ji Ki Pathshala

📢 ⚖️ महत्वपूर्ण अपडेट | माननीय सर्वोच्च न्यायालय | 28 जुलाई का आदेश अपलोड ⚖️

🙏 साथियों,

आज की सुनवाई के उपरांत माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के प्रमुख बिंदु निम्न हैं—

1. प्रकरण की अगली सुनवाई 04 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।

2. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रिक्त पदों को भरने के संबंध में अपना शपथपत्र (Affidavit) न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

3. सभी पक्षकारों एवं इंटरवेनर्स को 31 जुलाई 2026 तक राज्य सरकार के प्रस्ताव पर अपने सार्थक सुझाव (Meaningful Suggestions) दाखिल करने की स्वतंत्रता दी गई है। ये सुझाव न्यायालय द्वारा नामित अधिवक्ता के माध्यम से संकलित कर न्यायालय के समक्ष रखे जाएंगे।

4. सभी सुझावों पर विचार करने के बाद माननीय न्यायालय यह तय करेगा कि संविधान के अनुच्छेद 142 के अंतर्गत इस लंबे समय से लंबित विवाद का समग्र समाधान किया जाए अथवा प्रकरण की सुनवाई मेरिट पर करके अंतिम निर्णय सुनाया जाए।

⚠️ यह आदेश इस बात का स्पष्ट संकेत है कि न्यायालय इस विवाद का विधिसम्मत एवं स्थायी समाधान चाहता है।


अब बात आती है विपक्ष की। चूंकि स्टेट थोड़ा सा हम सबके सलाह-सुझाव पर विनम्र हुआ है, तो सब सोच रहे हैं कि उन्होंने झुककर मान लिया है। निवेदन है कि ऐसी गलतफहमी न रखें। अपनी सहमति दर्शाते हुए ही कोई निवेदन करें, सम्भव है कि वे बातें स्वीकार हो जाएं।

जितने पक्षकारों ने मुझसे तरह-तरह के सुझाव दिए थे, आज जब स्टेट को हम यहां तक ले आए हैं, तो अपनी महत्वाकांक्षा और लालच की भेंट उन हजारों लोगों को मत चढ़ाइए जो नौकरी से कुछ दूरी पर हैं।

असहमति जो भी पक्ष अथवा पैरवीकार दर्ज कराएगा, लिखकर ले लीजिए वही आपको आपकी नौकरी से दूर लेकर जाएगा। अभी जोश में भले मैं आपको बुरा लगूं, पर जब मेरिट पर उतरेंगे तो हर दिन बढ़ती बहस के साथ आप स्वीकार करेंगे कि समझौता बेहतर विकल्प था।

अतः किसी भी प्रकार की अफवाह या अधूरी जानकारी पर विश्वास न करें और सरकार के सबमिशन के प्रति अपनी सहमति ही दर्शाएं। उसके बाद निवेदन या मांग करें, क्योंकि उसके बीच कार्यरत पक्ष नहीं आ रहा है।

जब तक कार्यरत शिक्षक और उनका हित सुरक्षित है, हमें कोई समस्या नहीं है। अन्यथा हम तो न्यायालय में मेरिट पर लड़ने आए थे और लड़ेंगे भी। पर तब जो भी होगा, उसका जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ रेस्पोंडेंट का लालच होगा।

🤝 सभी कार्यरत शिक्षक साथियों से अनुरोध है कि धैर्य, संयम एवं एकजुटता बनाए रखें। समझौता हमारे लिए एक विकल्प मात्र है। यदि कोई नहीं मानेगा तो हम आजीविका की लड़ाई आर-पार लड़ेंगे। आने वाले दिनों में प्रस्तुत किए जाने वाले सुझाव इस प्रकरण की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जब हम सब मिलकर इस केस को निर्णायक मोड़ तक लेकर आए हैं, तो इसका सम्मानजनक समापन भी हम सभी मिलकर करेंगे। ✌️🚩

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✍️ एक आश, एक विश्वास — संयुक्त लीगल टीम 69000

69000 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट का 28 जुलाई आदेश