लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन के माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-2 द्वारा राजकीय हाईस्कूलों और इंटर कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के लिए सत्र 2026-27 की बहुप्रतीक्षित स्थानांतरण व समायोजन नीति जारी कर दी गई है। सचिव किंजल सिंह द्वारा जारी शासकीय आदेश (संख्या- 928/पन्द्रह-2-2026) के तहत यह नीति वर्ष 2017 की मूल स्थानांतरण नीति के अंतर्गत ही संचालित होगी। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य राजकीय विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना, पारदर्शिता लाना और सुदूर क्षेत्रों के स्कूलों में भी पठन-पाठन को सुदृढ़ बनाना है।
इस विस्तृत नीति के तहत राजकीय विद्यालयों का त्रि-स्तरीय ज़ोनीकरण किया गया है, साथ ही सरप्लस (अतिरिक्त) शिक्षकों की पहचान के लिए LIFO (Last in First Out) का कड़ा सिद्धांत लागू किया गया है।
1. विद्यालयों का भौगोलिक श्रेणीकरण (तीन ज़ोन की व्यवस्था)
शिक्षकों की निष्पक्ष तैनाती सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विद्यालयों को जनपद मुख्यालय और तहसील मुख्यालय से दूरी के आधार पर निम्नलिखित तीन ज़ोनों में विभाजित किया गया है:
- ज़ोन - 1: जनपद की म्युनिसिपल सीमा अथवा जिला मुख्यालय से 08 किलोमीटर तक की दूरी (जो भी अधिक हो)।
- ज़ोन - 2: जनपद में तहसील मुख्यालय से 02 किलोमीटर तक की दूरी (जो ज़ोन-1 के दायरे से बाहर हो)।
- ज़ोन - 3: उपरोक्त दोनों श्रेणियों से भिन्न सुदूर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्र।
2. कार्यभार एवं सरप्लस शिक्षकों की गणना के मानक
विद्यालयों में अध्यापकों के मानक एवं रिक्तियों का आकलन 20 नवंबर 1976 के शासनादेश के आधार पर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कार्यभार के संबंध में निम्नलिखित कड़े नियम तय किए गए हैं:- राजकीय इंटर कॉलेज (प्रवक्ता/Lecturer): प्रत्येक विषय के प्रवक्ता द्वारा न्यूनतम प्रतिदिन 5 वादन (Periods) शिक्षण कार्य करना अनिवार्य है। यदि इंटरमीडिएट कक्षाओं में छात्र संख्या कम होने के कारण मानक पूर्ण नहीं होता, तो उन्हें निम्न कक्षाओं (कक्षा 6 से 10 तक) में वादन पूरे करने होंगे।
- राजकीय हाईस्कूल (सहायक अध्यापक/LT Grade): प्रत्येक सहायक अध्यापक के लिए प्रतिदिन न्यूनतम 06 वादन का शिक्षण कार्य निर्धारित किया गया है।
- अतिरिक्त अनुभाग (Sections): विद्यालय में छात्र संख्या के आधार पर संचालित अतिरिक्त सेक्शनों के लिए पदों का निर्धारण 'मानव संपदा पोर्टल' के डेटा के अनुसार किया जाएगा।
3. सरप्लस शिक्षकों की पहचान: 'लास्ट इन फर्स्ट आउट' (LIFO) सिद्धांत
किसी विद्यालय में छात्र संख्या कम होने पर यदि शिक्षक अतिरिक्त (सरप्लस) पाए जाते हैं, तो उनका निर्धारण LIFO (Last in First Out) सिद्धांत पर होगा। अर्थात, जिस शिक्षक ने उस विद्यालय में सबसे बाद में कार्यभार ग्रहण किया है, उसे ही सबसे पहले सरप्लस घोषित किया जाएगा।सरप्लस की श्रेणी से मुक्त (अपवाद) शिक्षक:
निम्न श्रेणियों के शिक्षकों को अंतिम पांच श्रेणियों में रखते हुए यथासंभव सरप्लस घोषित होने से छूट दी जाएगी:- सैन्य बल, वायु सेना, नौसेना, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, ITBP, BSF या CRPF में कार्यरत उन कर्मियों के पति/पत्नी जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों या अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात हैं (सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र अनिवार्य)।
- गंभीर असाध्य रोगों (जैसे कैंसर, HIV/AIDS, किडनी फेलियर, लिवर के गंभीर रोग) से ग्रसित शिक्षक (AIIMS, PGI, या राजकीय मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र आवश्यक)।
- ऐसे शिक्षक/शिक्षिका जिनकी आयु स्थानांतरण वर्ष के 30 जून को 58 वर्ष या उससे अधिक पूर्ण हो चुकी है।
- पति और पत्नी दोनों के राजकीय सेवा में होने पर, यदि वे उसी जनपद में तैनात हैं तो उन्हें सरप्लस समायोजन से यथासंभव बचाया जाएगा।
- राष्ट्रीय अथवा राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक/शिक्षिकाएं।
4. स्थानांतरण एवं समायोजन हेतु प्राथमिकता गुणांक (Weightage Matrix)
सरप्लस घोषित होने के बाद और सामान्य स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले शिक्षकों की वरीयता तय करने के लिए एक पारदर्शी 'गुणांक प्रणाली' (Point System) निर्धारित की गई है। अधिक गुणांक वाले शिक्षक को उनकी पसंदीदा रिक्ति पर प्राथमिकता मिलेगी:- स्वयं दिव्यांग होने पर: 40% से 60% दिव्यांगता पर 10 अंक, 60% से 80% पर 15 अंक, तथा 80% से अधिक होने पर 20 अंक दिए जाएंगे।
- आश्रितों की बीमारी: पति/पत्नी/बच्चे गंभीर बीमारी (कैंसर, HIV, किडनी, लिवर) या पूर्ण रूप से दिव्यांग होने पर: 10 अंक।
- विशेष श्रेणियां: राष्ट्रीय/राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक, विधवा/तलाकशुदा महिला शिक्षिका, तथा विदुर पुरुष शिक्षक (जिन्होंने पुनर्विवाह नहीं किया और अवयस्क बच्चों की जिम्मेदारी है): 10 अंक।
- महिला शिक्षिका: समस्त महिला शिक्षिकाओं को सामान्य पात्रता के रूप में 10 अंक का भारांक मिलेगा।
- ज़ोन में सेवा भारांक: ज़ोन-3 (दूरस्थ क्षेत्र) में सेवा के लिए प्रत्येक वर्ष के 2 अंक (अधिकतम 10 अंक) तथा ज़ोन-2 (तहसील क्षेत्र) में सेवा के लिए प्रत्येक वर्ष का 1 अंक (अधिकतम 10 अंक)।
- आयु भारांक: 30 जून को आयु के प्रत्येक वर्ष के लिए 1 अंक (अधिकतम 58 अंक)।
5. प्रशासनिक एवं सामान्य नीति के मुख्य बिंदु
- ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: विभाग द्वारा चिन्हित रिक्तियों को वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाएगा। सरप्लस व इच्छुक शिक्षक मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन वरीयता विकल्प भरेंगे।
- स्थानांतरण की सीमा: जनहित एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से संवर्ग के अंतर्गत अधिकतम 4 प्रतिशत की सीमा तक ही माननीय विभागीय मंत्री जी के अनुमोदन से स्थानांतरण किए जा सकेंगे। विशेष परिस्थितियों में संवर्ग की संख्या के अधिकतम 20 प्रतिशत सीमा तक स्थानांतरण का अधिकार माननीय मुख्यमंत्री जी/उप-मुख्यमंत्री जी के पास सुरक्षित रहेगा।
- समान गुणांक होने पर नियम: यदि दो आवेदकों के गुणांक पूर्णतः समान पाए जाते हैं, तो अधिक आयु वाले शिक्षक को वरीयता दी जाएगी। यदि आयु भी समान हो, तो उनके संवर्ग के वरिष्ठ शिक्षक को प्राथमिकता मिलेगी।
- पारदर्शिता एवं समय-सीमा: स्थानांतरण की संपूर्ण प्रक्रिया जून माह के भीतर पूर्ण कर ली जाएगी ताकि जुलाई में नया सत्र शुरू होने पर स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित न हो और नए शिक्षक समय से कार्यभार ग्रहण कर सकें।
FAQ
प्रश्न 1: यूपी राजकीय शिक्षक स्थानांतरण नीति 2026-27 के तहत ज़ोन-3 क्या है?
उत्तर: ज़ोन-3 के अंतर्गत जिला मुख्यालय (8 किमी से बाहर) और तहसील मुख्यालय (2 किमी से बाहर) के सुदूर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यालय आते हैं। नई नियुक्तियों में यहाँ 3 साल सेवा अनिवार्य है।
प्रश्न 2: शिक्षकों के ट्रांसफर में LIFO सिद्धांत क्या है?
उत्तर: LIFO (Last in First Out) का मतलब है कि विद्यालय में छात्र संख्या घटने पर जिस शिक्षक ने सबसे अंत में ज्वाइन किया है, उसे ही सबसे पहले सरप्लस (अतिरिक्त) घोषित किया जाएगा।
प्रश्न 3: महिला शिक्षिकाओं को स्थानांतरण में कितना गुणांक (भारांक) मिलेगा?
उत्तर: नई नीति के अनुसार समस्त महिला शिक्षिकाओं को सामान्य पात्रता के रूप में 10 अंक का अनिवार्य गुणांक दिया जाएगा।






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