उत्तर प्रदेश सरकार की वार्षिक स्थानान्तरण नीति वर्ष 2026-27 के तहत राजस्व परिषद के अधीन आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों की तय समय सीमा को एक महीने आगे बढ़ाने की मांग की गई है। इस सम्बन्ध में राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग को एक पत्र भेजकर नीतिगत निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
शासन के कार्मिक अनुभाग द्वारा जारी निर्देशों के तहत प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में वार्षिक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया को 31 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से संपन्न किया जाना था। इस निर्धारित समय सीमा के बावजूद संदर्भ पत्र के माध्यम से भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व परिषद के नियंत्रणाधीन पदों पर काम करने वाले कार्मिकों के तबादलों के सम्बन्ध में आखिरी तारीख तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका।
समय पर निर्णय न हो पाने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण सामने आए हैं। पहला कारण विभाग को स्थानांतरण के लिए बहुत बड़ी संख्या में प्राप्त हुए आवेदन हैं, जिनकी समयबद्ध समीक्षा करना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण था। वहीं दूसरा महत्वपूर्ण कारण मई माह में माननीय अध्यक्ष, राजस्व परिषद की सेवानिवृत्ति है, जिसके चलते प्रशासनिक स्तर पर व्यस्तता के कारण तबादलों की फाइलों का निस्तारण नहीं हो पाया।
राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव ने स्पष्ट किया है कि इन विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राजस्व परिषद के नियंत्रणाधीन पदों के लिए स्थानांतरण की समय सीमा को एक माह और बढ़ाया जाना अत्यंत आवश्यक है। परिषद ने शासन से आग्रह किया है कि वर्तमान परिस्थितियों को दूर करने और पारदर्शी तरीके से सभी आवेदनों का निस्तारण करने के लिए समय सीमा विस्तार पर सकारात्मक विचार किया जाए ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।


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